29 Sep 2026, Tue

‘राहुल’ कोड वर्ड, डेविड हेडली से पहली मुलाकात, गहराती दोस्ती और 30 घंटे की पूछताछ, राहुल भट्ट ने खोले 26/11 के बड़े राज

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के बाद जांच के दौरान डेविड हेडली का नाम प्रमुखता से सामने आया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि हेडली ने मुंबई में हमले से पहले रेकी की थी। इसी दौरान फिल्ममेकर महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट का नाम भी चर्चा में आया, क्योंकि उनकी हेडली से मुलाकात हो चुकी थी। उस समय राहुल को मीडिया में कई सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब करीब 18 साल बाद उन्होंने उस पूरे घटनाक्रम को याद किया है और बताया कि हेडली से उनकी मुलाकात कैसे हुई थी और बाद में जांच एजेंसियों ने उनसे किस तरह पूछताछ की।

टीवी पर हेडली को देखकर पुरानी मुलाकात याद आई

एक हालिया बातचीत में राहुल भट्ट ने बताया कि 26/11 हमलों के बाद जब उन्होंने टेलीविजन पर डेविड हेडली की तस्वीर देखी तो उन्हें अपनी पुरानी मुलाकात तुरंत याद आ गई। राहुल के मुताबिक, उस समय उन्हें अंदाजा हुआ कि हेडली से उनका संपर्क जांच का हिस्सा बन सकता है।

राहुल ने दावा किया कि एक अमेरिकी जांच दस्तावेज में मुंबई के लिए ‘राहुल’ नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने का जिक्र था। उन्होंने बताया कि हेडली का चेहरा देखते ही उन्हें लगा कि यह वही व्यक्ति है, जिससे उनकी पहले मुलाकात हुई थी।

2007 में बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में हुई थी मुलाकात

राहुल के मुताबिक, उनकी हेडली से पहली मुलाकात 2007 में मुंबई के दादर में आयोजित एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता के दौरान हुई थी। एक साझा ट्रेनिंग पार्टनर के जरिए दोनों की पहचान हुई थी। राहुल ने बताया कि उस समय हेडली ने खुद को अमेरिकी नागरिक के तौर पर पेश किया था।

राहुल ने हेडली की शारीरिक पहचान का जिक्र करते हुए बताया कि उसकी एक आंख भूरी और दूसरी नीली थी। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने जांच अधिकारियों को भी यह जानकारी दी थी।

उन्होंने यह भी कहा कि हेडली के साथ उनका संपर्क सामान्य सामाजिक मुलाकातों तक सीमित था। राहुल के मुताबिक, दोनों कभी-कभार मिलते थे, फिल्म देखते थे, खाना खाते थे या हेल्थ क्लब जाते थे। उन्होंने दावा किया कि उनके सामने हेडली ने कभी किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी या संकेत नहीं दिया।

करीब 30 घंटे तक चली पूछताछ

राहुल ने उस समय की जांच का जिक्र करते हुए बताया कि हमले के बाद उन्हें जांच एजेंसियों के सवालों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, उनसे करीब 30 घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान अधिकारियों ने हेडली के साथ उनके संपर्क, मुलाकातों और बातचीत से जुड़े कई सवाल पूछे।

राहुल ने अपने बयान में कहा कि उस समय उनके लिए परिस्थितियां काफी मुश्किल थीं। हेडली से पहचान सामने आने के बाद उनके नाम को लेकर मीडिया में लगातार चर्चा होती रही। उन्होंने इस दौर को मीडिया ट्रायल से जोड़ते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।

‘मेरे सामने कभी कोई आपराधिक काम नहीं हुआ’

राहुल ने बातचीत के दौरान यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि हेडली के साथ उनकी पहचान किस तरह की थी। उनके मुताबिक, यह कोई गहरी दोस्ती या व्यावसायिक साझेदारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि वह हेडली से कभी-कभार ही मिलते थे और उनके सामने कभी कोई आपराधिक गतिविधि नहीं हुई।

राहुल द्वारा साझा किए गए ये अनुभव उनके व्यक्तिगत दावे और उस दौर की उनकी यादों पर आधारित हैं। 26/11 मामले में डेविड हेडली की भूमिका और उससे जुड़े तथ्य जांच एवं अदालती रिकॉर्ड का हिस्सा रहे हैं। राहुल के ताजा बयान ने एक बार फिर उस पुराने घटनाक्रम और उस समय उनके सामने आई परिस्थितियों को चर्चा में ला दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *