मुंबई: अपने बेबाक बयानों और फिल्म निर्माण को लेकर अलग नजरिए के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि हॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘ऑब्सेशन’ है। कम बजट में बनी इस फिल्म ने न केवल दुनियाभर के दर्शकों को प्रभावित किया है, बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग के कई दिग्गजों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे आधुनिक सिनेमा के लिए एक बड़ा उदाहरण बताया है।
फिल्म ‘ऑब्सेशन’ ने दुनिया भर में शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 213 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। खास बात यह है कि यह फिल्म किसी बड़े स्टार, महंगे विजुअल इफेक्ट्स या विशाल बजट के बिना बनाई गई है। यही कारण है कि इसकी सफलता को फिल्म इंडस्ट्री में एक नई मिसाल माना जा रहा है।
राम गोपाल वर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिल्म को लेकर लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि कुछ सप्ताह पहले तक फिल्म इंडस्ट्री में यह आम धारणा थी कि केवल बड़े सितारों, भारी-भरकम बजट और भव्य विजुअल इफेक्ट्स वाली फिल्में ही दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती हैं। लेकिन ‘ऑब्सेशन’ ने इस सोच को पूरी तरह बदलकर रख दिया है।
उन्होंने कहा, “मैं ‘ऑब्सेशन’ से पूरी तरह प्रभावित हूं। इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि एक मजबूत कहानी और प्रभावी निर्देशन किसी भी बड़े बजट वाली फिल्म को चुनौती दे सकता है।”
कम बजट, बड़ा असर
राम गोपाल वर्मा ने फिल्म के बजट और निर्माण शैली की भी विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं है, न ही भव्य लोकेशन, विदेशी शूटिंग या महंगे तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया गया है। इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल रही।
उन्होंने लिखा कि फिल्म का कथित बजट लगभग 7 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, लेकिन उनके अनुसार इसकी वास्तविक निर्माण लागत इससे भी काफी कम रही होगी। फिल्म की शूटिंग केवल तीन प्रमुख लोकेशनों पर की गई है, जिससे यह साबित होता है कि सिनेमा की सफलता केवल पैसे पर निर्भर नहीं करती।
निर्देशक की शैली ने जीता दिल
राम गोपाल वर्मा ने फिल्म के निर्देशक करी बार्कर की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निर्देशक ने संपादन को केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया है।
उनके अनुसार, फिल्म में तेज कट्स और लंबे समय तक चलने वाले दृश्यों का संयोजन दर्शकों के भीतर गहरा तनाव पैदा करता है। यही वजह है कि दर्शक खुद को किरदारों की मानसिक स्थिति से जोड़ लेते हैं और कहानी से अलग नहीं हो पाते।
सिनेमा के लिए नई सीख
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑब्सेशन’ की सफलता यह संकेत देती है कि दर्शक अब केवल बड़े बजट और स्टार पावर के पीछे नहीं भागते, बल्कि मजबूत कंटेंट को भी उतना ही महत्व देते हैं।
राम गोपाल वर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय फिल्म उद्योग भी कंटेंट आधारित फिल्मों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उनके अनुसार, ‘ऑब्सेशन’ जैसी फिल्में युवा फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतरीन कहानियां बड़े पर्दे पर लाना चाहते हैं।
फिलहाल, फिल्म की सफलता और राम गोपाल वर्मा की तारीफों ने इसे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

