भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट संबंधों को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की गई है। इस बार दोनों देशों के बीच सहयोग खिलाड़ियों के बजाय मैच अधिकारियों के स्तर पर देखने को मिलेगा। अंपायर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलियाई अंपायर भारत के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि भारतीय अंपायर को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू प्रतियोगिताओं में अंपायरिंग का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के मैच अधिकारियों को अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने का अनुभव देना और अंपायरिंग के स्तर को बेहतर बनाना है।
रणजी ट्रॉफी के दो मुकाबलों में अंपायरिंग करेंगे बेन ट्रेलोर
इस कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर भारत में रणजी ट्रॉफी के दो मुकाबलों में अंपायर की भूमिका निभाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में दिल्ली और गुजरात के बीच खेले जाने वाले मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे। इसके बाद 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई में मुंबई और हरियाणा के बीच होने वाले मैच में भी उनकी नियुक्ति की गई है।
ट्रेलोर को घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग का अच्छा अनुभव है। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 30 मुकाबलों और लिस्ट-ए क्रिकेट के 20 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने बिग बैश लीग के 39 मुकाबलों में भी अंपायर की जिम्मेदारी निभाई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला क्रिकेट के कुछ मुकाबलों में भी वह अंपायरिंग कर चुके हैं। मैदान पर अनुभव के साथ-साथ वह नए अंपायरों को प्रशिक्षण देने के काम से भी जुड़े हुए हैं।
क्रिकेट अधिकारियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
बेन ट्रेलोर क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स में अंपायर एजुकेशन ऑफिसर के रूप में काम करते हैं। उनकी भूमिका नए मैच अधिकारियों को तैयार करने और अंपायरिंग से जुड़े कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण है।
भारतीय परिस्थितियों में रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप वाले टूर्नामेंट में अंपायरिंग करने से उन्हें पिच, मौसम और घरेलू क्रिकेट की अलग-अलग परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे दोनों देशों के क्रिकेट अधिकारियों के बीच अनुभव और कार्यप्रणाली साझा करने में मदद मिल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में तीन मुकाबलों में अंपायरिंग करेंगे पराशर जोशी
दूसरी ओर, भारतीय अंपायर पराशर जोशी को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू प्रतियोगिताओं में तीन मुकाबलों के लिए नियुक्त किया गया है। उनके कार्यक्रम की शुरुआत 11 से 14 नवंबर तक ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मुकाबले से होगी।
इसके बाद 16 नवंबर को वह इसी मैदान पर दोनों टीमों के वनडे कप मैच में अंपायरिंग करेंगे। उनका कार्यक्रम 22 से 25 नवंबर तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मुकाबले के साथ पूरा होगा।
जोशी भारतीय घरेलू क्रिकेट में भी अनुभव रखते हैं। वह रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी सहित 19 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट में सहयोग बढ़ाने की पहल
इस अंपायर एक्सचेंज कार्यक्रम से दोनों देशों के मैच अधिकारियों को अलग-अलग क्रिकेट परिस्थितियों में काम करने का मौका मिलेगा। इससे निर्णय लेने की क्षमता, नियमों की व्यावहारिक समझ और पेशेवर अनुभव को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। अब अंपायरों के स्तर पर बढ़ता सहयोग दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को एक नया आयाम दे सकता है।

