नई दिल्ली: देशभर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में कई राज्यों को अपनी चपेट में लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मौसम की परिस्थितियां मॉनसून के विस्तार के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे देश के कई हिस्सों में जल्द ही अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार तक मॉनसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से होते हुए महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही अगले चार से पांच दिनों में मॉनसून के और आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। इस दौरान महाराष्ट्र के शेष भागों, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मॉनसून सक्रिय हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की प्रगति के साथ इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पिछले कई दिनों से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्से गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम की मार झेल रहे हैं। ऐसे में मॉनसून की दस्तक लोगों के लिए राहत लेकर आ रही है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर में भी सोमवार सुबह मौसम ने करवट ली। कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में कमी आई और लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और शाम तक कुछ क्षेत्रों में फिर से बारिश हो सकती है। बारिश के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना बना हुआ है।
वहीं राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में रविवार को बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र में सबसे अधिक 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण अगले चार से पांच दिनों तक जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभागों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
हालांकि बारिश के बावजूद राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। फलौदी राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जैसलमेर, बाड़मेर और चूरू में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो रहा है।
कुल मिलाकर, देश में मॉनसून की रफ्तार तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में झमाझम बारिश के साथ मौसम पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

