मुंबई: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में अभी भी लोगों को बारिश का इंतजार है। सामान्य तौर पर मुंबई में मानसून 11 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसमें देरी देखने को मिल रही है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर में सक्रिय मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून पहले ही पहुंच चुका है और वहां अच्छी बारिश भी दर्ज की जा रही है। हालांकि, महाराष्ट्र के तटीय इलाकों और खासकर मुंबई में मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
मुंबई में मानसून क्यों हुआ लेट?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अरब सागर में पश्चिमी हवाओं की कमजोरी और कोंकण तट पर सूखी हवाओं के प्रभाव के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और अल-नीनो के असर ने भी नमी वाली हवाओं के प्रवाह को बाधित किया है, जिससे मानसून आगे नहीं बढ़ पाया।
इन्हीं कारणों से दक्षिण महाराष्ट्र और मुंबई क्षेत्र में मानसून की सामान्य समय सीमा 11 जून तक पूरी नहीं हो सकी।
कब तक पहुंचेगा मानसून?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस बार मुंबई में मानसून की एंट्री में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, निचले स्तर पर बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन से हालात धीरे-धीरे सुधरेंगे।
IMD का अनुमान है कि मानसून मुंबई में लगभग 15 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। इसके बाद 18 से 19 जून तक भारी और लगातार बारिश शुरू होने की संभावना है।
महाराष्ट्र में मौजूदा मौसम
फिलहाल महाराष्ट्र के कुछ दक्षिणी जिलों में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन राज्य के कई हिस्से अभी भी बारिश से वंचित हैं। मुंबई में बादलों की आवाजाही जारी है और समुद्र किनारे हल्की नमी और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में परिस्थितियां बदल सकती हैं और मुंबईवासियों को जल्द ही मानसून की पहली झलक मिल सकती है।

