वर्क फ्रॉम होम और रिमोट जॉब कल्चर ने लोगों के रहने और काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब बड़ी संख्या में युवा महानगरों की भागदौड़ और महंगे जीवन से दूर पहाड़ों, छोटे शहरों और शांत जगहों पर रहकर नौकरी करना पसंद कर रहे हैं। इसी बीच हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थल Manali से रिमोट जॉब कर रहे एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक ने विस्तार से बताया है कि मनाली में अकेले रहते हुए उसका मासिक खर्च कितना आता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। कुछ लोग पहाड़ों में रहने को आर्थिक रूप से फायदेमंद बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि महानगरों की तुलना में वहां सुविधाओं की सीमाएं भी होती हैं। ऐसे में यह वीडियो उन लोगों के लिए दिलचस्प बन गया है जो रिमोट जॉब के साथ शांत और सुकूनभरी जिंदगी की तलाश कर रहे हैं।
21 हजार रुपये में पूरा हो जाता है महीना
वायरल वीडियो को इंस्टाग्राम पर एक कंटेंट क्रिएटर ने साझा किया है। वीडियो में वह बताता है कि वह मनाली में एक कॉर्पोरेट कंपनी के लिए रिमोट तरीके से काम करता है और पिछले कुछ समय से वहीं रह रहा है।
युवक के अनुसार वह मनाली में एक 1BHK अपार्टमेंट में रहता है, जिसका मासिक किराया 14,000 रुपये है। इस किराए में वाई-फाई और बिजली का खर्च भी शामिल है। उसके मुताबिक पहाड़ों में स्थिर इंटरनेट कनेक्शन रिमोट कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जरूरत होती है और उसके अपार्टमेंट में यह सुविधा उपलब्ध है।
खाने-पीने पर कितना खर्च?
युवक ने बताया कि वह अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग है और नियमित रूप से जिम जाता है। इसी वजह से वह ज्यादातर भोजन घर पर ही तैयार करता है। किराने के सामान पर उसका मासिक खर्च करीब 3,500 रुपये आता है।
हालांकि कई बार काम के दबाव या समय की कमी के कारण वह बाहर से खाना भी मंगवा लेता है। इस पर उसका साप्ताहिक खर्च लगभग 500 रुपये तक पहुंच जाता है। यानी महीने भर में खाने-पीने का कुल खर्च लगभग 5,000 रुपये के आसपास रहता है।
फिटनेस पर भी करता है निवेश
वीडियो में युवक ने बताया कि उसने स्थानीय जिम की सदस्यता ली हुई है। छूट मिलने के बाद उसे हर महीने लगभग 1,500 रुपये जिम फीस के रूप में खर्च करने पड़ते हैं।
उसका मानना है कि पहाड़ों में रहने का सबसे बड़ा फायदा स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवनशैली है। इसके बावजूद वह अपनी फिटनेस दिनचर्या बनाए रखने के लिए नियमित जिम जाता है।
ट्रांसपोर्ट खर्च लगभग शून्य
युवक के खर्च का सबसे दिलचस्प पहलू उसका ट्रांसपोर्ट बजट है। उसने बताया कि वह अधिकतर जगह पैदल जाना पसंद करता है। इससे न केवल उसका आने-जाने का खर्च बचता है बल्कि रोजाना की शारीरिक गतिविधि भी पूरी हो जाती है।
उसके अनुसार मनाली जैसे छोटे शहर में कई जरूरी सुविधाएं पैदल दूरी पर उपलब्ध हैं, इसलिए उसे वाहन पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी है। कुछ यूजर्स का कहना है कि 21 हजार रुपये मासिक खर्च में पहाड़ों में रहना बड़े शहरों की तुलना में काफी सस्ता है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि हर व्यक्ति की जीवनशैली अलग होती है और खर्च भी उसी के अनुसार बदल सकता है।
बदल रही है काम और जीवन की परिभाषा
रिमोट जॉब संस्कृति ने लोगों को अपने मनपसंद स्थान से काम करने की आजादी दी है। मनाली जैसे पर्यटन स्थलों में बढ़ती संख्या में युवा पेशेवर बस रहे हैं, जो बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं।
यह वायरल वीडियो इस बात का उदाहरण है कि तकनीक और डिजिटल कार्य संस्कृति ने अब रोजगार को किसी एक शहर या कार्यालय तक सीमित नहीं रखा है। आज लोग अपनी पसंद के माहौल में रहकर भी सफल करियर बना सकते हैं।

