16 Sep 2026, Wed

मध्य-पूर्व में तनाव के बीच इजरायल को 40 हजार शक्तिशाली बम देने की तैयारी में ट्रंप! कभी बाइडेन ने इस डील पर लगाई थी रोक

 

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल के बीच एक बड़े सैन्य समझौते की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत इजरायल को करीब 40 हजार शक्तिशाली बम उपलब्ध कराने की योजना है। इस पैकेज की अनुमानित कीमत 2.8 अरब डॉलर बताई जा रही है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

प्रस्तावित हथियारों में 2 हजार पाउंड वजन वाले बम भी शामिल हैं। ये बेहद शक्तिशाली हथियार माने जाते हैं और इनका इस्तेमाल बड़े सैन्य ठिकानों तथा मजबूत संरचनाओं को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन हथियारों की आपूर्ति को लेकर अमेरिकी प्रशासन की ओर से योजना तैयार की गई है और अमेरिकी कांग्रेस को भी इस प्रस्ताव के बारे में अनौपचारिक जानकारी दी जा चुकी है।

इस प्रस्तावित सैन्य पैकेज का बड़ा हिस्सा Foreign Military Financing (FMF) व्यवस्था के जरिए वित्तपोषित किए जाने की योजना है। इस व्यवस्था के तहत अमेरिका अपने सहयोगी देशों को सैन्य उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है। इसके बाद संबंधित देश अमेरिकी रक्षा कंपनियों से हथियार और सैन्य उपकरण खरीद सकता है।

इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सैन्य वित्तीय सहायता में अमेरिकी करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में इजरायल को बड़ी मात्रा में शक्तिशाली हथियार उपलब्ध कराने की योजना पर राजनीतिक और मानवीय दृष्टिकोण से बहस होना स्वाभाविक है।

इन हथियारों की प्रस्तावित सप्लाई ऐसे समय में सामने आई है, जब गाजा संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल और हमास के बीच शुरू हुआ युद्ध लंबे समय तक जारी रहा। इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और गाजा में भारी स्तर पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

अमेरिका ने इजरायल और हमास के बीच संघर्ष को समाप्त कराने तथा युद्धविराम की दिशा में मध्यस्थता की कोशिशें भी की हैं। युद्धविराम के प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। संघर्ष का असर केवल इजरायल और गाजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है।

प्रस्तावित हथियार सौदे को इजरायल की सैन्य क्षमता मजबूत करने की दिशा में अमेरिकी प्रशासन के एक और महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, डील की अंतिम शर्तों, हथियारों की वास्तविक डिलीवरी और समयसीमा को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

इससे पहले भी अमेरिकी प्रशासन के भीतर इजरायल को हथियारों की आपूर्ति को लेकर अलग-अलग नीतियां देखने को मिली हैं। कुछ हथियारों की सप्लाई को लेकर पूर्व प्रशासन ने गाजा में संभावित मानवीय नुकसान को देखते हुए रोक लगाई थी। अब नए प्रस्ताव से यह संकेत मिलता है कि इजरायल की सैन्य जरूरतों को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव आया है।

फिलहाल 40 हजार बमों वाली यह डील प्रस्ताव के स्तर पर है। अंतिम मंजूरी और आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने हथियार इजरायल को दिए जाएंगे और उनकी आपूर्ति कब शुरू होगी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस संभावित समझौते पर अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *