उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मशहूर पंजाबी गायक की प्रस्तुति को लेकर विवाद सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के एक मंत्री मंच पर पहुंचे और गायक को गाना रोकने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि मंत्री ने गायक के कथित तौर पर नशे की हालत में प्रस्तुति देने पर आपत्ति जताई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
नवरात्रि के कार्यक्रम में हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, यह घटना नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले के रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी मंच पर अपनी प्रस्तुति दे रहे थे।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल अचानक मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। मंत्री ने कथित तौर पर गायक की बोलने की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “बोल तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?” इसके बाद उन्होंने गायक को कार्यक्रम रोकने के लिए कहा।
धार्मिक आयोजन की मर्यादा को लेकर जताई नाराजगी
सामने आई जानकारी के मुताबिक, मंत्री की आपत्ति का मुख्य कारण कार्यक्रम की धार्मिक पृष्ठभूमि थी। नवरात्रि के दौरान आयोजित कुंजापुरी मेले को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में मंत्री का कहना था कि इस तरह के आयोजन में कलाकारों को मर्यादा और गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मंच पर हुई बातचीत और मंत्री की नाराजगी का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखने के लिए मंत्री के हस्तक्षेप को उचित बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए अधिक जानकारी और तथ्यों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
इस मामले में गायक की कथित नशे की स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए केवल वायरल वीडियो या आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार
कुंजापुरी मेले में हुई इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में कलाकारों के आचरण, कार्यक्रम के अनुशासन और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी को लेकर चर्चा छेड़ दी है। जहां एक ओर ऐसे आयोजनों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी माना जाता है, वहीं किसी विवाद पर राय बनाने से पहले पूरे घटनाक्रम की जानकारी होना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। मामले में संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण या किसी आधिकारिक निष्कर्ष की पुष्टि होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

