भोपाल में महिला आरक्षण बिल को लेकर हजारों महिलाओं का प्रदर्शन, सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भोपाल: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर उठे विवाद के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला। बिल पास न होने से नाराज हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और “जनआक्रोश महिला पदयात्रा” के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए और विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि “प्रियंका गांधी को इस मुद्दे पर शर्म आनी चाहिए।” सीएम यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने का काम किया है।
हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं
भोपाल में आयोजित इस जनआक्रोश पदयात्रा में प्रदेशभर से हजारों महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अपना विरोध जताया। इस दौरान कई सामाजिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका अंबिका जैन अंबर ने भी महिलाओं को संबोधित करते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
सीएम यादव का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है, लेकिन विपक्ष ने बार-बार इस मुद्दे पर बाधा डाली है। उन्होंने कहा कि देश की महान परंपराओं में भी नारी शक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। सीएम यादव ने कहा कि यह आक्रोश केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के संघर्ष को इतिहास में हमेशा सम्मान मिला है और आज भी सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
महिलाओं में आक्रोश और नाराजगी
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि महिला आरक्षण बिल उनका अधिकार है और इसे लागू करने में देरी अस्वीकार्य है। कई महिलाओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया और कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए आगे भी आवाज उठाती रहेंगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्षी दलों की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भोपाल में हुए इस बड़े प्रदर्शन ने महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस तेज होने की संभावना है।

