पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, जिनमें उन्हें पुलिस हिरासत में देखे जाने और कथित तौर पर शहर में परेड जैसी स्थिति में ले जाए जाने के दावे किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लंबे समय से फरार चल रहे जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि वे विधानसभा चुनाव के बाद से ही फरार थे और उनकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां लगातार दबिश दे रही थीं। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में अचानक गर्माहट बढ़ गई है।
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें जहांगीर खान को पुलिस के साथ देखा जा रहा है। इन दृश्यों को लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्हें हाफ पैंट में शहर में घुमाया गया, हालांकि प्रशासन की ओर से इस तरह की “परेड” की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
जहांगीर खान पर फलता पुलिस स्टेशन में कई एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके खिलाफ चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों सहित करीब सात अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में मतदान के दौरान कथित दबाव बनाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना बाकी है।
इससे पहले, चुनावी विवादों के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें 18 मई को अंतरिम राहत प्रदान की थी, ताकि वे 21 मई को हुए फलता विधानसभा क्षेत्र के री-पोल में हिस्सा ले सकें। इसके बाद 24 मई को परिणाम घोषित हुए थे। राहत अवधि समाप्त होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई और अंततः STF ने उन्हें गिरफ्तार किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ TMC समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था और चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है।
इसी बीच, आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का नाम भी चर्चा में आ गया है, जिनका संबंध पहले चुनावी सख्ती के दौरान सामने आए मामलों से जोड़ा जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके पुराने बयानों और घटनाओं को फिर से शेयर किया जा रहा है, जिससे मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।
फिलहाल, जहांगीर खान पुलिस हिरासत में हैं और उनके खिलाफ चल रही जांच आगे बढ़ रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है, जबकि राजनीतिक दल इस पूरे घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।

