पोलैंड: देश के दो स्कूलों में हुई हिंसक घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। संभावित हिंसा को रोकने के लिए 76 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि करीब 50 हजार स्कूलों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटनाओं के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर कई शैक्षणिक संस्थानों में अतिरिक्त इंतजाम किए गए, वहीं शुक्रवार को संभावित हमलों की आशंका के चलते कुछ स्कूलों में कक्षाएं भी रद्द कर दी गईं।
दो स्कूलों में हिंसा से मचा हड़कंप
पोलैंड के माजोविया प्रांत में इस सप्ताह दो अलग-अलग स्कूलों में हिंसक घटनाएं हुईं। पहली घटना में एक व्यावसायिक स्कूल के 19 वर्षीय छात्र पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगा। बताया गया कि आरोपी ने साथी छात्रों, शिक्षकों और आसपास मौजूद लोगों को निशाना बनाया। इस घटना में नौ लोग घायल हुए। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया, लेकिन उसे नजदीक से गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके अगले दिन इसी प्रांत में एक अन्य घटना सामने आई। यहां 15 वर्षीय एक लड़के पर अपने पूर्व स्कूल में चाकू से हमला करने का आरोप लगा। इस घटना में स्कूल के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं।
‘ब्लडी फ्राइडे’ की अफवाहों से बढ़ा डर
दोनों घटनाओं के बाद सोशल मीडिया, ऑनलाइन अभिभावक समूहों और अन्य माध्यमों पर शुक्रवार को भी हमले होने की आशंकाएं फैलने लगीं। इन अपुष्ट संदेशों के कारण शुक्रवार को ‘ब्लडी फ्राइडे’ यानी खूनी शुक्रवार कहा जाने लगा।
हालांकि, संभावित हमलों को लेकर फैल रही चर्चाओं की सत्यता की पुष्टि जरूरी थी, लेकिन इन संदेशों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। कई अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय घर पर ही रखने का फैसला किया। कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने भी हालात को देखते हुए कक्षाएं स्थगित कर दीं।
59 स्कूलों में कक्षाएं रद्द, सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम
शुक्रवार को एहतियाती कदम उठाते हुए 59 स्कूलों में कक्षाएं रद्द की गईं। इनमें बड़ी संख्या माजोविया प्रांत के स्कूलों की बताई गई, जहां राजधानी वारसॉ स्थित है।
जिन स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहीं, वहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई और विद्यार्थियों के बैग की जांच जैसे कदम उठाए गए। कुछ संस्थानों के निदेशकों ने अभिभावकों को संदेश भेजकर सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी भी दी।
देशभर में जांच और निगरानी बढ़ाई गई
हिंसक घटनाओं के बाद अधिकारियों ने संभावित खतरों को रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी। करीब 50 हजार स्कूलों की जांच किए जाने और 76 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही शैक्षणिक परिसरों के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ाई गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इन घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा, स्कूलों में निगरानी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं के प्रभाव को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल प्राथमिकता शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित माहौल बनाए रखने और किसी भी संभावित खतरे को टालने की है। अभिभावक भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और स्कूल प्रशासन से सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

