चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में ‘पीरियड फ्रेंडली पंजाब’ अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली किशोर छात्राओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करना और एक सुरक्षित, समावेशी शिक्षा वातावरण तैयार करना है।
इस पहल को भारत की सबसे बड़ी स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
3,600 से अधिक स्कूलों में लागू होगी योजना
राज्य सरकार के अनुसार, यह कार्यक्रम पंजाब के सभी 23 जिलों के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस अभियान से लगभग 3,600 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 3.4 लाख से अधिक छात्राएं सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी।
इसका पहला सत्र 29 मई 2026 को आयोजित किया गया, जो मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर शुरू किए गए विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है।
मासिक धर्म स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने की पहल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोर लड़कियों को मासिक धर्म से जुड़ी सही जानकारी देना, सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना और स्कूलों में एक खुला एवं सकारात्मक वातावरण बनाना है।
सरकार का मानना है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी कई बार लड़कियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और स्कूल उपस्थिति पर असर डालती है। इस कार्यक्रम के जरिए इन बाधाओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
‘मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट’ पाठ्यक्रम लागू
इस अभियान के तहत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट” नामक एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसे वॉश यूनाइटेड (WASH United) नामक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन के सहयोग से विकसित किया गया है।
यह पाठ्यक्रम पंजाबी भाषा में तैयार किया गया है ताकि छात्राएं इसे आसानी से समझ सकें और अपने दैनिक जीवन में लागू कर सकें।
रोचक और सहभागितापूर्ण शिक्षण मॉडल
इस कार्यक्रम में कक्षा आधारित इंटरैक्टिव सत्र शामिल हैं, जिनमें कहानी आधारित शिक्षण और गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी जाती है। इसमें 10 वर्षीय पात्र ‘रूबी’ की कहानी के जरिए मासिक धर्म और उससे जुड़े बदलावों को सरल तरीके से समझाया जाता है।
सत्रों का उद्देश्य छात्राओं को—
- मासिक धर्म और शरीर में होने वाले बदलावों की जानकारी देना
- स्वच्छता और आत्म-देखभाल की आदतें विकसित करना
- आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाना
- स्कूल में सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाना
सरकार का सामाजिक सुधार पर जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि यह पहल राज्य की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, समावेशी और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार चाहती है कि कोई भी लड़की मासिक धर्म के कारण अपनी पढ़ाई या आत्मविश्वास में पीछे न रह जाए।
यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों के अनुरूप भी है, जिनमें किशोर लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वास्थ्य को शिक्षा और समानता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू माना गया है।
निष्कर्ष
‘पीरियड फ्रेंडली पंजाब’ अभियान न केवल एक स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम है, बल्कि यह सामाजिक सोच में बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इससे लाखों छात्राओं को जागरूकता, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

