10 Jun 2026, Wed

पिता धर्मेंद्र के जाने के बाद बदल गई देओल फैमिली की केमिस्ट्री, बॉबी देओल ने ईशा-अहाना संग रिश्तों पर तोड़ी चुप्पी

देओल परिवार में हाल ही में आए बड़े बदलावों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कठिन समय रिश्तों की असली परीक्षा लेता है—और कई बार उन्हें और मजबूत भी बना देता है। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद पूरा परिवार गहरे शोक में है, लेकिन इसी दौर ने आपसी रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित भी किया है।

हाल ही में अभिनेता बॉबी देओल ने एक इंटरव्यू में अपने दिल की बात साझा करते हुए बताया कि पिता के जाने के बाद उनकी सोच और प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अब उन्हें समय की कीमत पहले से कहीं ज्यादा समझ में आती है। बॉबी ने कहा कि कई बार उन्हें पछतावा होता है कि उन्होंने अपने पिता के साथ उतना समय नहीं बिताया, जितना बिताना चाहिए था। उनके शब्दों में, “कई दिन ऐसे होते हैं जब लगता है कि काश मैंने उनसे और बातें की होतीं, उनसे और सीखा होता।”

उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके लिए सफलता का मतलब बदल चुका है। पहले जहां फिल्मों की सफलता, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और समीक्षाएं मायने रखती थीं, वहीं अब परिवार के साथ बिताया गया समय सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है। बॉबी ने साफ तौर पर कहा कि “ऐसी सफलता का क्या फायदा, जिसे अपने लोगों के साथ साझा ही न कर सकें।”

इस कठिन समय ने देओल परिवार को एक नई तरह से जोड़ा भी है। खासतौर पर बॉबी देओल और उनकी सौतेली बहनों ईशा देओल और अहाना देओल के बीच रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं। बॉबी ने बताया कि दुख के इस दौर में सभी ने एक-दूसरे को बेहतर समझना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने तरीके से दुख को संभालता है और कई बार इसी वजह से गलतफहमियां भी पैदा हो जाती हैं, लेकिन समय के साथ ये दूर हो जाती हैं।

उन्होंने यह भी माना कि ऐसे मुश्किल समय में परिवार ही सबसे बड़ा सहारा होता है। इस अनुभव ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके बच्चों को भी जीवन की नश्वरता के बारे में अधिक जागरूक बनाया है। बॉबी के अनुसार, इस दुख ने उनके बेटों को भी पहले से ज्यादा परिपक्व बना दिया है।

बताते चलें कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर को मुंबई में उनके घर पर हुआ था। वह 89 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। भारतीय सिनेमा में अपने दमदार अभिनय और व्यक्तित्व के कारण उन्हें ‘ही-मैन’ के नाम से जाना जाता था। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई थी।

मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार द्वारा ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया, जो उनके योगदान का एक बड़ा सम्मान है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्हें याद किया गया। उनका जाना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

कुल मिलाकर, देओल परिवार इस कठिन समय से गुजरते हुए एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है, जहां रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा गहरी हो गई है।

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