नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को जम्मू की विशेष NIA अदालत में उसके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। हाफिज सईद को व्यक्तिगत हैसियत के साथ प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF के प्रमुख के रूप में आरोपी बनाया गया है।
NIA का आरोप है कि पहलगाम हमले के पीछे सीमा पार से रची गई साजिश में हाफिज सईद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। चार्जशीट में उसकी कथित भूमिका, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की साजिश और जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक एवं जमीनी साक्ष्यों का विवरण दिया गया है।
BNS और UAPA की धाराओं में लगाए आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आपराधिक एवं आतंकी साजिश रचने से जुड़ी धाराएं भी शामिल हैं।
यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दिसंबर 2025 में दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है। यानी सोमवार को दाखिल आरोपपत्र स्वयं 1,597 पन्नों का नहीं है, बल्कि इसे पहले दायर मूल आरोपपत्र की अगली कड़ी के रूप में पेश किया गया है।
पहली चार्जशीट में किन्हें बनाया गया था आरोपी?
NIA ने 15 दिसंबर 2025 को इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें लश्कर-ए-तैयबा और TRF को कानूनी इकाइयों के रूप में आरोपी बनाने के साथ पाकिस्तान स्थित हैंडलर साजिद जट्ट सहित छह अन्य आरोपियों को नामित किया गया था। इनमें हमले के कथित तीन आतंकवादी और उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार दो स्थानीय व्यक्ति भी शामिल थे।
हमले में शामिल बताए गए तीन आतंकवादी जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए थे। NIA का आरोप है कि गिरफ्तार स्थानीय आरोपियों ने हमलावरों को भोजन, ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।
22 अप्रैल को हुई थी 26 लोगों की हत्या
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम के बैसरन इलाके में 22 अप्रैल 2025 को पर्यटकों पर हमला किया गया था। इस घटना में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत कुल 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने आरोप लगाया था कि हमले में शामिल आतंकवादियों को पाकिस्तान स्थित संगठनों का समर्थन प्राप्त था। पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई पहलगाम हमले की जांच में सामने आए सीमा पार आतंकी संपर्कों के बाद की गई थी।
NIA अब इस मामले में सीमा पार से रची गई पूरी साजिश, आतंकी संगठनों के नेतृत्व, फंडिंग, डिजिटल संपर्क और स्थानीय स्तर पर दी गई सहायता की जांच कर रही है। हाफिज सईद को आरोपी बनाए जाने को पहलगाम हमले के कथित विदेशी साजिशकर्ताओं की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

