26 Jun 2026, Fri

‘परमाणु हथियार’ को लेकर ट्रंप का बयान, ईरान ने होर्मुज़ में जहाज़ पर किया हमला, क्या होगा शांति वार्ता का?

तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर हुए हमले के बाद हालात और अधिक जटिल हो गए हैं। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने क्षेत्र में फंसे जहाजों को निकालने की अपनी योजना को फिलहाल रोक दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब ईरान ने कुछ घंटे पहले ही जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे तेहरान की मंजूरी के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य के वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल न करें। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने स्पष्ट किया है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह उसके आधिकारिक निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था।

UN ने रोकी जहाज निकासी योजना

संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित निकालने की अपनी योजना को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने कहा कि जब तक क्षेत्र में मौजूद जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक निकासी अभियान आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर असर डाल सकता है।

ट्रंप का दावा- ईरान ने परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमति दी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो वह उसका इस्तेमाल कर सकता था, लेकिन अब तेहरान ने ऐसा हथियार नहीं रखने की सहमति दी है। (Reuters)

हालांकि, ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी दावों और कुछ प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के उस सुझाव को अस्वीकार कर दिया, जिसमें ईरान की अनफ्रीज की गई संपत्तियों का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए करने की बात कही गई थी।

इजरायल को ईरान की चेतावनी

इस बीच, ईरान ने इजरायल को भी कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा है कि यदि इजरायल ने लेबनान में अपनी सैन्य गतिविधियां जारी रखीं, तो उसे “शर्मनाक हार” का सामना करना पड़ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब लेबनान सीमा पर तनाव पहले से ही बना हुआ है।

अमेरिका ने रखी अपनी शर्तें

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता तो चाहता है, लेकिन “किसी भी कीमत पर नहीं”। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का टोल या शुल्क स्वीकार नहीं करेगा। रुबियो ने चेतावनी दी कि यदि एक देश ऐसा करता है, तो दुनिया के अन्य जलमार्गों पर भी इसी तरह की स्थिति पैदा हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाओं के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन जहाज पर हमले और क्षेत्रीय तनाव ने शांति प्रक्रिया को और कठिन बना दिया है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक वार्ताएं इस संकट की दिशा तय करेंगी।

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