28 May 2026, Thu

पंजाब नगर निकाय चुनाव के नतीजे 29 मई को, कितने नगर निगम, कितने उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला, जानें सबकुछ

 

पंजाब में हुए नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि इन चुनावों के परिणाम 29 मई 2026 को जारी किए जाएंगे। इन नतीजों पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में मतदान

इस बार पंजाब में बड़े पैमाने पर नगर निकाय चुनाव कराए गए। कुल 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में मतदान संपन्न हुआ। इन सभी निकायों के कुल 7,555 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

इन चुनावों में 8 प्रमुख नगर निगम शामिल हैं—

  • मोहाली
  • बठिंडा
  • अबोहर
  • बरनाला
  • कपूरथला
  • मोगा
  • बटाला
  • पठानकोट

63.94% मतदान दर्ज, मतदाताओं में दिखा उत्साह

भीषण गर्मी के बावजूद पंजाब में मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। राज्य में कुल 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 35 लाख मतदाताओं में से 22.38 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

नगर निगमों में 59.91%, नगर परिषदों में 65.06% और नगर पंचायतों में सबसे अधिक 76.18% मतदान दर्ज किया गया, जो ग्रामीण और छोटे शहरी क्षेत्रों में बेहतर भागीदारी को दर्शाता है।

राजनीतिक दलों की बड़ी परीक्षा

यह चुनाव सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए यह चुनाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है।

इस चुनाव में AAP ने सबसे अधिक 1,801 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके बाद कांग्रेस के 1,550 उम्मीदवार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 1,316 उम्मीदवार और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के 1,251 उम्मीदवार मैदान में हैं। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 96 उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में शामिल हैं। इसके अलावा 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। राज्य में कुल 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 275 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया गया था।

चुनाव के दौरान लगभग 35,000 चुनाव कर्मियों और 32,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

कुछ जगहों पर झड़प और आरोप

हालांकि अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ इलाकों से राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के समर्थकों के बीच तनाव की घटनाएं देखी गईं। कुछ जगहों पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप भी लगाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया।

नतीजों पर टिकी नजरें

अब सभी की नजरें 29 मई को आने वाले परिणामों पर हैं। ये नतीजे न केवल स्थानीय निकायों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि पंजाब की आगामी राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर परिणाम घोषित होने के बाद ही साफ होगी।

निष्कर्ष

पंजाब नगर निकाय चुनाव 2026 राज्य की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकते हैं। भारी मतदान और सभी बड़े दलों की सक्रिय भागीदारी ने इस चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि जनता का जनादेश किस पार्टी के पक्ष में जाता है और पंजाब की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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