31 Jul 2026, Fri

नेपाल में हिंसा के बीच बड़ी खबर, मृतकों के परिजनों और सरकार के बीच हुआ 7 सूत्रीय समझौता, मदरसों के खिलाफ होगी जांच

काठमांडू: नेपाल के सुनसरी जिले में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस फायरिंग में दो युवकों की मौत के बाद सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच महत्वपूर्ण 7 सूत्रीय समझौता हुआ है। यह समझौता गुरुवार देर रात नेपाल सरकार की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुङ और मृतक ओमप्रकाश मेहता तथा जयप्रकाश मेहता के परिजनों के बीच संपन्न हुआ।

सुनसरी जिले के देवानगंज गाउंपालिका स्थित कप्तानगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच तनाव और झड़प के बाद हालात काफी बिगड़ गए थे। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी। इसी दौरान पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और पीड़ित परिवारों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की थी।

देवानगंज गाउंपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, समझौते पर गृह मंत्री सुदन गुरुङ, ओमप्रकाश मेहता के पिता कृष्णदेव मेहता और जयप्रकाश मेहता के पिता नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए। सरकार और परिजनों के बीच हुई इस सहमति को क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समझौते के तहत नेपाल सरकार ने दोनों मृतकों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा दोनों परिवारों को प्रत्येक को 10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सहमति के प्रमुख बिंदुओं में देवानगंज गाउंपालिका स्थित मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच भी शामिल है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या आपराधिक गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

समझौते के अनुसार दोनों शोकाकुल परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही घटना की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों और सुझावों को कानून के अनुसार जल्द से जल्द लागू करने पर भी सहमति बनी है।

सरकार ने स्थानीय प्रशासन और स्थानीय सरकार के समन्वय से मृतकों की स्मृति में एक स्मारक पार्क बनाने का भी वादा किया है। यह स्मारक पार्क क्षेत्र में शांति, सद्भाव और दोनों युवकों की याद में बनाया जाएगा।

समझौते के बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 2 बजे किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है। स्थानीय प्रशासन को अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि सुनसरी हिंसा ने नेपाल में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच हुआ यह समझौता तनाव कम करने और शांति बहाल करने की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार द्वारा किए गए वादों के क्रियान्वयन और जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर टिकी हुई है।

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