नई दिल्ली/गुरुग्राम: सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। महाराष्ट्र में मामला दर्ज होने के बाद अब गुरुग्राम में भी स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और टेक प्रोफेशनल हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर कानूनी और सामाजिक बहस तक व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की शिकायत के आधार पर की गई है। गुरुग्राम पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए हैं, जबकि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को विवादित वीडियो हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मामला उस समय शुरू हुआ जब गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप शो के दौरान दर्शकों के बीच मौजूद हिमांशु जांगड़ा ने अपनी डेटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। कथित तौर पर उन्होंने बताया कि उन्होंने एक महिला के साथ डेट पर चिकन बिरयानी के लिए 370 रुपये खर्च किए थे। बाद में जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्होंने इसके बदले में शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जताई। शो के दौरान हुई इस बातचीत पर कॉमेडियन प्रणित मोरे ने प्रतिक्रिया दी और बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना की। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान महिलाओं पर दबाव डालने वाली मानसिकता को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं और सहमति (Consent) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को कमजोर करते हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया। आयोग ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर की गई ऐसी टिप्पणियां महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं और जबरदस्ती वाले व्यवहार को बढ़ावा दे सकती हैं। आयोग ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद महाराष्ट्र और गुरुग्राम दोनों जगह कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र साइबर सेल भी इसी मामले में दोनों व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। अब गुरुग्राम में दर्ज नए मामले के बाद दोनों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद ने केवल एक वायरल वीडियो से आगे बढ़कर महिलाओं की सुरक्षा, सहमति की समझ और कॉमेडी की सीमाओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

