22 Oct 2026, Thu

दुबई में भारतीय पुजारी दक्षिणा से कितना कमाते हैं? कंटेंट क्रिएटर के साथ बातचीत में बताया, Video Viral

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय पुजारी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह दुबई में पूजा-पाठ कराने से होने वाली कमाई और अपने शुरुआती संघर्षों के बारे में खुलकर बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक कंटेंट क्रिएटर उनसे विदेश में पुजारी के रूप में काम करने के अनुभव और दक्षिणा से होने वाली आमदनी के बारे में सवाल करता है। बातचीत के दौरान पुजारी बताते हैं कि उनकी कोई निश्चित मासिक सैलरी नहीं है। उनकी कमाई पूरी तरह पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मिलने वाली दक्षिणा पर निर्भर करती है।

दुबई में कितनी होती है पुजारी की कमाई?

वायरल वीडियो में मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखने वाले शास्त्री नीरज पंडित अपनी आमदनी के बारे में बताते हैं। उनके मुताबिक, दुबई में पुजारी के रूप में काम करने पर कभी उन्हें 200 दिरहम मिलते हैं, तो कभी दक्षिणा के रूप में 500 दिरहम तक प्राप्त हो जाते हैं।

भारतीय मुद्रा में देखें तो 200 दिरहम की कीमत लगभग 5,000 रुपये और 500 दिरहम की कीमत करीब 12,500 से 13,000 रुपये के आसपास होती है। हालांकि, यह राशि हर बार मिलने वाली निश्चित कमाई नहीं है। उन्हें कितनी दक्षिणा मिलेगी, यह पूजा के प्रकार, काम मिलने और भक्तों की ओर से दी जाने वाली भेंट पर निर्भर करता है।

पुजारी ने स्पष्ट किया कि उनकी आमदनी किसी तय वेतन के अनुसार नहीं होती। इसलिए उनकी कमाई में समय और काम के हिसाब से उतार-चढ़ाव बना रहता है।

शादी से लेकर गृह प्रवेश तक कराते हैं पूजा

दुबई में रहने वाले भारतीय पुजारी भारतीय समुदाय के लोगों के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इनमें शादी-विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन जैसे पारंपरिक समारोह शामिल हैं। विदेश में रहने वाले कई भारतीय परिवार अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं को बनाए रखने के लिए ऐसे पुजारियों की मदद लेते हैं।

इन आयोजनों के दौरान पूजा की विधि और समारोह की जरूरत के अनुसार दक्षिणा दी जाती है। ऐसे में पुजारी की कमाई इस बात पर भी निर्भर करती है कि उन्हें महीने में कितने धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है।

शुरुआती संघर्षों के बारे में भी की बात

वीडियो में बातचीत के दौरान पुजारी ने विदेश में काम करने के अनुभव और शुरुआती दिनों में होने वाली कमाई का जिक्र किया। उनकी बातों से पता चलता है कि विदेश में धार्मिक सेवाएं देने वाले लोगों के लिए भी नियमित काम मिलना महत्वपूर्ण होता है।

निश्चित सैलरी नहीं होने के कारण कभी अच्छी कमाई हो सकती है, तो कभी आमदनी कम भी रह सकती है। इस तरह का काम करने वाले लोगों को अपनी आय और खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर लोगों का खींचा ध्यान

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। आमतौर पर विदेश में नौकरी और कमाई की चर्चा होने पर लोगों के मन में अच्छी सैलरी की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बातचीत में पुजारी ने बताया कि उनकी आमदनी नियमित वेतन के बजाय दक्षिणा पर आधारित है।

यही वजह है कि यह वीडियो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। हालांकि, इसमें बताई गई कमाई एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है और इसे दुबई में काम करने वाले सभी पुजारियों की औसत आय नहीं माना जाना चाहिए। अलग-अलग लोगों की आमदनी उनके काम, अनुभव और मिलने वाले धार्मिक आयोजनों के अनुसार अलग हो सकती है।

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