2 Nov 2026, Mon

दिवाली से पहले कश्मीरी पंडितों को बड़ा तोहफा, PM पैकेज के तहत 936 फ्लैटों की सौंपी गई चाबियां

श्रीनगर: दिवाली से पहले कश्मीर घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को आवास के रूप में बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत श्रीनगर के ज़ेवन इलाके में तैयार किए गए 936 ट्रांजिट फ्लैटों की चाबियां कर्मचारियों को सौंप दी गई हैं। लंबे समय से सुरक्षित और व्यवस्थित आवास की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इन फ्लैटों का निर्माण कर्मचारियों को एक ही परिसर में रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। इससे उन्हें किराये के मकानों पर निर्भरता कम करने और सामूहिक रूप से रहने का अवसर मिलेगा।

ज़ेवन में 39 ब्लॉकों में तैयार किए गए फ्लैट

श्रीनगर के ज़ेवन इलाके में कुल 39 ब्लॉकों में 936 ट्रांजिट फ्लैट तैयार किए गए हैं। इन फ्लैटों का आवंटन संबंधित कर्मचारियों को किया गया है। इसके अतिरिक्त कुपवाड़ा, बडगाम और कुलगाम के बाग क्षेत्र में 69 ब्लॉकों में बनाए गए 480 फ्लैटों का भी उद्घाटन किया गया है।

इन आवासीय सुविधाओं का उद्देश्य कश्मीर घाटी में तैनात कर्मचारियों को रहने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है। नए फ्लैटों के मिलने से कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल के आसपास अधिक व्यवस्थित आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से उठ रही थी सुरक्षित आवास की मांग

कश्मीर घाटी में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत विभिन्न विभागों में लगभग छह हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारी श्रीनगर और बडगाम सहित अलग-अलग इलाकों में किराये के मकानों में रह रहे थे। कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी कि उनके लिए एक स्थान पर आवासीय परिसर बनाए जाएं, ताकि उन्हें रहने में सुविधा मिल सके।

सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण यह मांग और महत्वपूर्ण हो गई थी। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत कर्मचारी राहुल पंडित की लक्षित हत्या के बाद कर्मचारियों की सुरक्षा और आवास व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी थी। इस घटना के बाद सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे।

एक परिसर में रहने से बढ़ेगा सुरक्षा का भरोसा

कर्मचारियों का मानना है कि एक ही परिसर में रहने से आपसी सहयोग बढ़ेगा और सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हो सकता है। हालांकि, आवासीय परिसर का निर्माण अपने आप में सुरक्षा की सभी चुनौतियों का समाधान नहीं है, लेकिन इससे कर्मचारियों को अधिक व्यवस्थित रहने की सुविधा मिल सकती है।

कश्मीर में तैनात कर्मचारियों के लिए आवास की उपलब्धता उनके कामकाजी जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में नए ट्रांजिट फ्लैट उन्हें रहने के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

दिवाली से पहले कर्मचारियों के लिए अहम कदम

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा रविवार को उद्घाटन किए जाने के बाद कर्मचारियों को 936 फ्लैटों की चाबियां सौंप दी गईं। दिवाली से पहले आवास मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

यह पहल कश्मीर घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब इन आवासों के आवंटन और उपयोग के साथ यह देखना अहम होगा कि कर्मचारियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और स्थायी व्यवस्था का कितना लाभ मिल पाता है।

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