देशभर में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापसी की ओर बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में देश के कई हिस्सों से इसकी विदाई होने की संभावना है। हालांकि, मानसून की वापसी के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन, सड़क यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर को केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में जारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। स्थानीय स्तर पर तेज बारिश होने से सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
इसके अलावा, लक्षद्वीप में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
अंडमान-निकोबार में भी बारिश का अनुमान
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यहां रहने वाले लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहना चाहिए।
वहीं, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 13 अक्टूबर के आसपास मौसम संबंधी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। इससे कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव संबंधित मौसम प्रणालियों की स्थिति और दिशा पर निर्भर करेगा।
अगले 2-3 दिनों में मानसून की वापसी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो सकती है। मानसून की वापसी के दौरान देश के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में अंतर देखने को मिलता है।
कुछ राज्यों में बारिश कम होने लगेगी, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण वर्षा जारी रह सकती है। इसलिए मानसून की वापसी का अर्थ यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी।
मौसम बदलने के दौरान बरतें सावधानी
बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें और खराब मौसम में यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर प्राप्त करें।
फिलहाल, देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव जारी है। दक्षिण भारत में बारिश और अन्य क्षेत्रों में मानसून की वापसी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने शहर के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं।

