24 Jun 2026, Wed

दिल्ली में सेना भवन के पास मजदूरों के कैंप में लगी भीषण आग, 200 आवास जलकर हुए खाक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उद्योग भवन इलाके के पास बुधवार तड़के एक मजदूर कैंप में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख हो गए। घटना सेना भवन के नजदीक स्थित मजदूरों के अस्थायी कैंप की है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक रहते थे। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि आग में मजदूरों का काफी सामान जलकर नष्ट हो गया।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब 3:02 बजे दमकल विभाग को उद्योग भवन के पास स्थित मजदूरों के अस्थायी आवासों के नजदीक एक बिजली पैनल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए मौके पर 20 से अधिक दमकल गाड़ियों को रवाना किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग पहले एक बिजली पैनल में लगी और उसके बाद तेजी से टिन-शेड वाले कमरों में फैल गई। कैंप में बने अस्थायी ढांचे और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए कैंप से बाहर निकल आए।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने का अभियान करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान दमकल कर्मियों को संकरी जगह, अस्थायी निर्माण और अंदर रखी ज्वलनशील वस्तुओं के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

इस घटना के संबंध में फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल ने बताया कि यह कैंप सेना भवन के पास मजदूरों के रहने के लिए बनाया गया एक अस्थायी ढांचा था। उन्होंने कहा, “कैंप में रहने वाले मजदूर छोटे एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल करते थे और वहां बिजली के तार भी खुले तौर पर फैले हुए थे। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन शुरुआती आशंका है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट या एलपीजी सिलेंडर से लगी हो सकती है।”

अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस हादसे में मजदूरों का घरेलू सामान, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और अन्य उपयोगी वस्तुएं पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग के कारण प्रभावित हुए मजदूरों के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों की समस्या खड़ी हो गई है।

स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित मजदूरों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे अस्थायी आवासों में बिजली और गैस उपकरणों का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें।

यह हादसा एक बार फिर अस्थायी मजदूर कैंपों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है।

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