नई दिल्ली: मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन और एमी अवॉर्ड विजेता वीर दास ने अपने चर्चित ‘टू इंडियाज’ मोनोलॉग विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 2021 में वॉशिंगटन के जॉन एफ. कैनेडी सेंटर में दिए गए उस मोनोलॉग के बाद उनकी पेशेवर जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई। वीर दास के अनुसार, इस विवाद के चलते लगभग दो साल तक उनकी कोई स्थायी आय नहीं रही और कई बड़े ब्रांड, फिल्में तथा अन्य प्रोजेक्ट उनसे दूर हो गए।
एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान वीर दास ने कहा कि ‘टू इंडियाज’ परफॉर्मेंस के बाद उनके खिलाफ 14 पुलिस शिकायतें और एफआईआर दर्ज हुई थीं। उन्होंने बताया कि इन मामलों से निपटने में काफी समय और ऊर्जा लगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी उस परफॉर्मेंस पर कोई पछतावा नहीं है।
वीर दास ने कहा, “कैनेडी सेंटर में दिए गए भाषण के बाद जो विवाद हुआ, वह कई दिनों तक राष्ट्रीय स्तर की खबर बना रहा। मेरे खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन मैं उस एक्ट को अपनी असफलता नहीं मानता। मुझे उस पर गर्व है और मुझे लगता है कि वह बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था।”
कॉमेडियन ने यह भी दावा किया कि विवाद के बाद उनका करियर लगभग ठहर गया था। उन्होंने कहा कि ब्रांड एंडोर्समेंट, अभिनय के अवसर और निर्देशन से जुड़े प्रोजेक्ट एक-एक करके खत्म हो गए। उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी शिवानी माथुर इस कठिन दौर में गोवा चले गए थे, जहां उन्हें लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वीर दास के अनुसार, “सब कुछ खत्म हो गया था। लगभग ढाई साल तक कोई भी मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था। सारे ब्रांड्स चले गए, एक्टिंग के प्रोजेक्ट चले गए, डायरेक्शन के काम भी बंद हो गए। मैं और शिवानी गोवा चले गए और करीब दो साल तक हमारी कोई कमाई नहीं हुई।”
उन्होंने मध्य प्रदेश को लेकर भी एक अहम दावा किया। वीर दास ने कहा कि उन्हें लगता है कि राज्य में उनके शो पर अब भी रोक है। उनके अनुसार, विवाद के दौरान मध्य प्रदेश के एक सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह राज्य में कभी प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मध्य प्रदेश जाने से बचते हैं और इस मुद्दे की वर्तमान स्थिति जानने की भी कोशिश नहीं करना चाहते।
‘टू इंडियाज’ विवाद नवंबर 2021 में शुरू हुआ था, जब वीर दास ने वॉशिंगटन डी.सी. के जॉन एफ. कैनेडी सेंटर में एक मोनोलॉग प्रस्तुत किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने भारत की दो अलग-अलग सामाजिक वास्तविकताओं, महिलाओं की सुरक्षा, प्रदूषण, किसानों के आंदोलन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी।
जहां एक वर्ग ने इस परफॉर्मेंस को राजनीतिक व्यंग्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बताया, वहीं दूसरे वर्ग ने आरोप लगाया कि वीर दास ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नकारात्मक छवि पेश की। इसी विवाद के बाद उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गई थीं।
वीर दास के हालिया बयान ने एक बार फिर ‘टू इंडियाज’ विवाद और उसके प्रभाव को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

