झालमुड़ी और भेलपुरी में क्या अंतर है? पीएम मोदी ने बंगाल में चखा मशहूर स्ट्रीट फूड
पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक अलग अंदाज ने सबका ध्यान खींचा। अपने चुनावी दौरे के दौरान पीएम मोदी ने अपना काफिला रुकवाकर कोलकाता की मशहूर स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर झालमुड़ी और भेलपुरी दोनों की खूब चर्चा शुरू हो गई। लोग जानना चाह रहे हैं कि दिखने में एक जैसे लगने वाले ये दोनों स्नैक्स आखिर अलग कैसे हैं।
झालमुड़ी और भेलपुरी भारत के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में शामिल हैं, लेकिन इनके स्वाद, सामग्री और बनाने के तरीके में बड़ा फर्क होता है। आइए समझते हैं दोनों के बीच का अंतर।
झालमुड़ी क्या है?
झालमुड़ी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल का पारंपरिक स्ट्रीट स्नैक है। इसे मुरमुरे (फूला हुआ चावल) के साथ बनाया जाता है। इसमें उबले आलू, प्याज, खीरा, हरी मिर्च, चना और कभी-कभी ताजा नारियल भी मिलाया जाता है।
इसका खास स्वाद ‘मसाला तेल’ और सरसों के तेल से आता है, जो इसे अलग पहचान देता है। झालमुड़ी को आमतौर पर कागज के ठोंगे में परोसा जाता है और यह हल्का, सूखा और तीखा स्वाद देता है।
भेलपुरी क्या है?
भेलपुरी महाराष्ट्र का मशहूर स्ट्रीट फूड है, जो खासकर मुंबई के बीचों और चौपाटी पर बहुत पसंद किया जाता है। इसमें भी मुरमुरे का इस्तेमाल होता है, लेकिन इसमें सेव, पपड़ी और कई तरह की चटनी डालकर इसे बनाया जाता है।
इमली की मीठी-खट्टी चटनी और पुदीने की तीखी चटनी भेलपुरी को एक अलग ही स्वाद देती है। यह थोड़ी गीली और चटपटी होती है, जिसे तुरंत खाने के लिए परोसा जाता है।
झालमुड़ी और भेलपुरी में मुख्य अंतर
1. स्वाद और टेक्सचर:
झालमुड़ी सूखी और हल्की तीखी होती है, जबकि भेलपुरी गीली, चटपटी और मीठी-खट्टी स्वाद वाली होती है।
2. सामग्री:
झालमुड़ी में नारियल और भुने चने का इस्तेमाल होता है, जबकि भेलपुरी में सेव और पपड़ी मुख्य रूप से डाली जाती है।
3. चटनी का उपयोग:
भेलपुरी में इमली और पुदीने की चटनी जरूरी होती है, जबकि झालमुड़ी में मसाला तेल और सूखे मसालों का उपयोग होता है।
4. क्षेत्रीय पहचान:
झालमुड़ी बंगाल की पहचान है, जबकि भेलपुरी महाराष्ट्र का लोकप्रिय स्नैक है।
क्यों खास हैं ये दोनों स्नैक्स?
दोनों ही स्ट्रीट फूड अपनी-अपनी जगह बेहद लोकप्रिय हैं। झालमुड़ी जहां सादगी और तीखे स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं भेलपुरी अपने चटपटे और कॉम्प्लेक्स स्वाद के लिए पसंद की जाती है। कम कीमत में मिलने वाले ये स्नैक्स भारत की स्ट्रीट फूड संस्कृति की खूबसूरती को दर्शाते हैं।
पीएम मोदी के झालमुड़ी खाने के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में आ गया है कि आखिर भारतीय स्ट्रीट फूड में इतनी विविधता कैसे है। और यही विविधता झालमुड़ी और भेलपुरी जैसे स्नैक्स को खास बनाती है।

