ओडिशा के ढेंकानाल में जनगणना टीम पर हमला, सरकारी काम में बाधा; 3 आरोपी हिरासत में
ओडिशा के ढेंकानाल जिले में जनगणना कार्य के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई है। कामाख्यानगर एनएसी के वार्ड नंबर 3 में बुधवार को जनगणना टीम पर कथित रूप से हमला किया गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट और उनके वाहन को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
घर में जानकारी लेने गई थी जनगणना टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार सदस्यीय जनगणना टीम महिमानगर इलाके में सर्वे के लिए पहुंची थी। टीम एक घर में जरूरी जानकारी इकट्ठा करने गई थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई।
आरोप है कि घर के मालिक और उसके दो बेटों ने पहले टीम के साथ बदसलूकी की और फिर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया है।
वाहन को भी पहुंचाया गया नुकसान
घटना यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने जनगणना टीम के वाहन को भी नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों को काम करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान टीम के कुछ सदस्य घायल भी हुए हैं।
घायल कर्मचारी मधुस्मिता बेहरा ने बताया कि पहली बार जब टीम का एक सदस्य वहां पहुंचा था, तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। स्थिति को देखते हुए उसने घर पर निशान लगाकर सूचना दी, लेकिन जब पूरी टीम दोबारा वहां पहुंची तो उनके साथ मारपीट की गई।
प्रशासन और पुलिस तुरंत सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। सब-कलेक्टर और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कामाख्यानगर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की पहचान निकुंज रमण सतपथी और उनके दो बेटों के रूप में हुई है।
एसपी ने दी जानकारी
ढेंकानाल के एसपी अभिनव सोनकर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जनगणना टीम के चार अधिकारियों पर हमला किया गया था। इस घटना में दो कर्मचारियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सरकारी कार्य में बाधा पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमले को लेकर आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
निष्कर्ष
ढेंकानाल की यह घटना सरकारी कार्य में बाधा और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल तीन आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

