21 Aug 2026, Fri

चार साल बाद बेंगलुरु लौटे व्यक्ति को बिजली कटौती से लगा गहरा सदमा, एक्स पर शेयर किया दर्द

बेंगलुरु जैसे बड़े और तेजी से विकसित हो रहे शहर में बिजली कटौती को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। चार साल तक हैदराबाद में रहने के बाद बेंगलुरु लौटे एक व्यक्ति ने शहर में बिजली की समस्या पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए सवाल उठाया कि इतने बड़े शहर में बिजली की बार-बार होने वाली कटौती को आखिर सामान्य कैसे माना जा सकता है। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई।

सुबह से बैकअप पावर पर चल रहा था घर

वायरल पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि वह करीब चार साल बाद बेंगलुरु वापस लौटे हैं। उनका कहना था कि दूसरे शहर में रहने के बाद उन्हें बेंगलुरु की बिजली व्यवस्था पहले से ज्यादा परेशान करने वाली लगी। उन्होंने बताया कि उनके घर में सुबह करीब पांच बजे से बिजली नहीं थी और घर बैकअप पावर के सहारे चल रहा था।

उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं हो पा रही है। उनके मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती इतनी सामान्य हो गई है कि लोगों को इनवर्टर और दूसरे बैकअप विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए। कुछ यूजर्स ने बिजली कटौती को शहर की पुरानी समस्या बताया, जबकि कुछ लोगों ने बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव की ओर ध्यान दिलाया। लोगों का कहना था कि तकनीकी और आईटी कंपनियों के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले शहर में बिजली की लगातार बाधाएं चिंता का विषय हैं।

कई लोगों ने यह भी कहा कि बिजली कटौती का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहता। इससे छोटे कारोबार, ऑफिस, ऑनलाइन काम और दूसरी जरूरी गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। बिजली का बैकअप रखने के लिए इनवर्टर या जनरेटर का इस्तेमाल करने पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ जाता है।

वायरल पोस्ट के बाद अधिकारियों ने किया संपर्क

मामला तब और चर्चा में आया जब पोस्ट में संबंधित बिजली विभाग को टैग किया गया। इसके बाद विभाग की ओर से शिकायतकर्ता से संपर्क की जानकारी मांगी गई, ताकि समस्या की जांच की जा सके।

शिकायतकर्ता ने बाद में एक अपडेट साझा करते हुए बताया कि विभाग की ओर से उन्हें फोन किया गया। अधिकारियों ने बिजली की स्थिति के बारे में जानकारी ली और पूछा कि उनके इलाके में आपूर्ति बहाल हुई या नहीं। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों की ओर से की गई त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना भी की।

बिजली व्यवस्था पर फिर छिड़ी बहस

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर बेंगलुरु की बिजली व्यवस्था और शहरी बुनियादी ढांचे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और विकास के कारण सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों की उम्मीदें भी लगातार बढ़ रही हैं।

वायरल पोस्ट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के प्रमुख तकनीकी शहरों में शामिल बेंगलुरु में बिजली जैसी जरूरी सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए।

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