चंडीगढ़: पंजाब की सियासी फिजा एक बार फिर गर्म हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर चर्चा तेज है कि वह एक बार फिर कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनके बारे में सकारात्मक बयान दिया।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस के लंबे समय तक वरिष्ठ नेता रहे हैं और उनका पार्टी में बड़ा कद रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि “उनसे संपर्क में रहा जा सकता है और बातचीत की जा सकती है।” इस बयान के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राहुल गांधी की तारीफ से बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी ने उनके भाई के निधन के समय व्यक्तिगत रूप से फोन कर संवेदना व्यक्त की थी। इस बयान को भी राजनीतिक गलियारों में एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी कार्यक्रम से दूरी भी बनी चर्चा का कारण
इसी बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया राजनीतिक कदमों ने भी अटकलों को हवा दी है। हाल ही में जब बीजेपी ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया, तो कैप्टन इस कार्यक्रम से दूर नजर आए। हालांकि पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता वहां मौजूद थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए।
कैप्टन ने पहले यह भी कहा था कि पार्टी संगठन से जुड़े फैसलों में उनसे सलाह नहीं ली जाती, जिससे उनके और बीजेपी के बीच दूरी की अटकलें और मजबूत हो गई हैं।
कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सितंबर 2021 में पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और नवंबर 2021 में कांग्रेस छोड़ दी थी। उस समय उनका कांग्रेस नेतृत्व और नवजोत सिंह सिद्धू के साथ विवाद सुर्खियों में था।
इसके बाद उन्होंने “पंजाब लोक कांग्रेस” नाम से नई पार्टी बनाई और 2022 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा। चुनाव में हार के बाद 19 सितंबर 2022 को उन्होंने अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया और खुद भी बीजेपी में शामिल हो गए।
अब आगे क्या?
फिलहाल कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कांग्रेस वापसी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और हालिया घटनाक्रमों ने पंजाब की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या वाकई कैप्टन एक बार फिर अपने पुराने राजनीतिक घर कांग्रेस में लौटते हैं या यह सिर्फ राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित रहता है।

