15 Oct 2026, Thu

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर साधा निशाना, कहा- “खड़गे जी, झूठ बोलना बंद कीजिए!”

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोला है। नड्डा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए खड़गे से कहा कि वे झूठ बोलना बंद करें। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए।

इस बयान के बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण, संदिग्ध नामों की पहचान और राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को लेकर बहस तेज हो गई है।

13.39 करोड़ नामों को लेकर क्या बोले जेपी नड्डा?

जेपी नड्डा ने अपने बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी 13.39 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया नहीं कहा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से जारी जानकारी में इन नामों को अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं के तौर पर नहीं, बल्कि प्रारंभिक मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में चिह्नित किया गया था।

नड्डा के अनुसार, संबंधित आंकड़ों में करीब 2.80 करोड़ मृत मतदाता, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट नाम शामिल बताए गए हैं।

उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के दावों पर सवाल उठाए। हालांकि, इन श्रेणियों में दर्ज नामों और अंतिम मतदाता सूची में होने वाले बदलावों के बीच अंतर समझना जरूरी है। प्रारंभिक सूची में किसी नाम का चिह्नित होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित व्यक्ति विदेशी नागरिक है या उसका नाम अंतिम रूप से हटा दिया गया है।

SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना और गलत या दोहराए गए नामों की पहचान करना चुनावी प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है।

जेपी नड्डा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR के आंकड़ों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया को बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखना विपक्ष की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

चुनावी प्रदर्शन का भी किया जिक्र

अपने बयान में नड्डा ने गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से विधानसभा चुनावों में जीत हासिल नहीं कर पाई है। इसके अलावा, उन्होंने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में पार्टी की चुनावी स्थिति का हवाला देते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।

उनका तर्क था कि कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को केवल SIR जैसी हालिया प्रक्रियाओं से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि कई राज्यों में पार्टी को लंबे समय से चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

आगे भी जारी रह सकता है राजनीतिक विवाद

SIR को लेकर मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के अलग-अलग दावों के बीच आधिकारिक आंकड़ों और अंतिम मतदाता सूची की जानकारी का महत्व बढ़ गया है।

फिलहाल, जेपी नड्डा के बयान ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं और चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।

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