11 Apr 2026, Sat

कराची में कौन कर रहा है अंधाधुंध फायरिंग? दहशत में पूरा शहर, 3 दिन में 9 लोग घायल

कराची में अंधाधुंध फायरिंग से दहशत, 3 दिनों में 9 लोग घायल; पुलिस जांच जारी

पाकिस्तान के कराची शहर में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं ने लोगों में डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले तीन दिनों में इन घटनाओं में कम से कम 9 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है, लेकिन अभी तक हमलावरों का पता नहीं चल पाया है।

शहर में बढ़ी चिंता

Karachi पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर है, जहां इन दिनों सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि पुलिस का दावा है कि कुल अपराध दर में कमी आई है, लेकिन अचानक और बेतरतीब फायरिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।

लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि वे न तो अपने घरों में और न ही बाहर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

हमलों का तरीका और जांच

अधिकारियों के मुताबिक, इन घटनाओं में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि गोलियां कहां से और किसने चलाईं। ज्यादातर मामलों में हमलावर अज्ञात स्थानों से फायरिंग कर रहे हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए दोषियों तक पहुंचना चुनौती बन गया है।

पुलिस ने बताया कि 4 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच कई अलग-अलग इलाकों में ये घटनाएं हुईं।

अलग-अलग इलाकों में हुए हमले

फायरिंग की घटनाओं में हर उम्र और वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। 22 वर्षीय अयान को कोरंगी के गाउस पाक रोड के पास सीने में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया।

इसके अलावा:

  • 45 वर्षीय शेरीना बालदिया 24 में घायल हुईं
  • 52 वर्षीय जमीला बेगम लियाकताबाद में गोली लगने से घायल हुईं
  • 27 वर्षीय बिलाल अहमद नॉर्थ कराची में घायल हुए
  • 12 वर्षीय मुजम्मिल चाकीवाड़ा में बस स्टॉप के पास घायल हुआ
  • 30 वर्षीय मुर्तजा गाबोल टाउन में घायल हुआ
  • 28 वर्षीय नौमान उस्मान पार्क के पास घायल हुआ
  • 74 वर्षीय नसीर पापोश नगर में घायल हुए
  • 39 वर्षीय नजमा ओरंगी टाउन में जख्मी हुईं

इन घटनाओं से साफ है कि फायरिंग का कोई खास टारगेट नहीं है और आम नागरिक भी इसका शिकार बन रहे हैं।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर नाराजगी और चिंता दोनों जताई है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां इन घटनाओं को रोकने में असफल रही हैं। कई नागरिकों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं।

लोगों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

निष्कर्ष

कराची में हो रही अंधाधुंध फायरिंग ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से शहर के लोगों में डर का माहौल है। अगर जल्द ही कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

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