नई दिल्ली, 7 सितंबर: एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोमवार को एयरलाइन के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कंपनी की आगे की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एयरलाइन को सबसे ज्यादा ध्यान सुरक्षा, यात्रियों का भरोसा, परिचालन व्यवस्था को मजबूत बनाने और खर्चों पर अनुशासन कायम करने पर देना होगा।
कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में एयरलाइन के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक टेवोल्डे गेबरियाम भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान नेतृत्व में बदलाव और कंपनी के भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण बातें सामने रखी गईं।
यात्रियों का भरोसा जीतना सबसे बड़ी प्राथमिकता
चंद्रशेखरन ने कहा कि एयरलाइन के लिए सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यात्रियों और आम लोगों का भरोसा हासिल करना होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी विमानन कंपनी की सफलता केवल बेहतर सेवा या विस्तार से नहीं, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव देने से तय होती है।
उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उनके मुताबिक एयरलाइन का सुरक्षा रिकॉर्ड पहले से बेहतर स्तर पर पहुंचना चाहिए और इसके लिए संगठन के हर स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता जरूरी है।
लागत पर नियंत्रण की जरूरत
बैठक के दौरान खर्चों को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करने की अपील की, जिसमें लागत को नियंत्रित रखने पर लगातार ध्यान दिया जाए। उन्होंने संकेत दिया कि कंपनी के विकास के साथ-साथ आर्थिक अनुशासन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।
एयरलाइन के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले करीब 18 महीने कई चुनौतियों से भरे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कई क्षेत्रों में हवाई मार्गों के प्रभावित होने, विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और एक बड़े विमान हादसे जैसी घटनाओं ने परिचालन पर दबाव डाला।
नए सीईओ का कर्मचारियों से परिचय
बैठक में चंद्रशेखरन ने औपचारिक रूप से नए सीईओ और प्रबंध निदेशक टेवोल्डे गेबरियाम का कर्मचारियों से परिचय कराया। उन्हें व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गेबरियाम को विमानन क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उन्होंने करीब चार दशक तक इस क्षेत्र में काम किया है और एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन समूह के प्रमुख के तौर पर 11 साल से अधिक समय तक जिम्मेदारी संभाली है। उनके अनुभव से एयरलाइन के परिचालन और भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
2022 में बदली थी एयरलाइन की तस्वीर
एयर इंडिया का स्वामित्व जनवरी 2022 में निजी क्षेत्र में स्थानांतरित हुआ था। इसके बाद एयरलाइन के विस्तार, परिचालन सुधार और दूसरी विमानन सेवाओं के साथ एकीकरण की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए।
अब कंपनी के सामने विकास के साथ सुरक्षा मानकों, ग्राहक अनुभव और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने की चुनौती है। सोमवार की बैठक में दिए गए संदेश से साफ है कि आने वाले चरण में एयरलाइन का फोकस केवल विस्तार पर नहीं, बल्कि सुरक्षा, भरोसे और लागत अनुशासन पर भी रहेगा।

