सियोल: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के आसपास के क्षेत्र से पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर दागी गईं। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जापान ने भी मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाने की जानकारी दी है। हालांकि, मिसाइलों की कुल संख्या और उनके द्वारा तय की गई दूरी को लेकर शुरुआती स्तर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
प्योंगयांग के आसपास से हुआ प्रक्षेपण
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि उत्तर कोरिया की ओर से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता चला है। ये मिसाइलें राजधानी प्योंगयांग के आसपास के इलाके से पूर्वी समुद्र की दिशा में छोड़ी गईं।
दक्षिण कोरिया की सेना ने शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितनी मिसाइलें दागी गईं और उन्होंने कितनी दूरी तय की। वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कम से कम दो मिसाइलों का पता लगाने की बात कही। शुरुआती आकलन के मुताबिक, ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर समुद्र में गिरीं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा हालात पर नजर रखी जा रही है। मिसाइलों के प्रक्षेपण से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही उनकी क्षमता और संभावित प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
दक्षिण कोरिया के परीक्षण के बाद बढ़ी हलचल
उत्तर कोरिया का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब दक्षिण कोरिया ने हाल ही में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हाइपरसोनिक मिसाइल का उड़ान परीक्षण किया था। इस तरह की मिसाइलें बेहद तेज गति से उड़ान भरने और मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती पैदा करने की क्षमता के कारण महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अपने देश की पारंपरिक रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में इस परीक्षण को महत्वपूर्ण बताया था। इसके कुछ दिनों बाद उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइलें दागे जाने की घटना ने क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में किसी भी संभावित कारण या प्रतिक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
पहले भी हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण का दावा
उत्तर कोरिया पिछले कुछ वर्षों से अपनी सैन्य क्षमताओं और मिसाइल कार्यक्रम को लगातार विकसित करने में जुटा है। तीन अक्टूबर को भी देश ने दावा किया था कि उसने मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया के अनुसार, इस प्रणाली को क्षेत्र में मौजूद मिसाइल रक्षा व्यवस्थाओं को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।
देश के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के प्रति सख्त रुख अपनाया हुआ है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक और सहयोग संबंधी गतिविधियां लंबे समय से सीमित हैं। वहीं, अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत भी लंबे समय से ठप पड़ी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों और दक्षिण कोरिया की रक्षा तैयारियों के बीच पूर्वी एशिया में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे घटनाक्रमों पर दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की नजर रहती है, क्योंकि इनका असर क्षेत्रीय स्थिरता और सैन्य रणनीतियों पर पड़ सकता है।
फिलहाल ताजा प्रक्षेपण से जुड़े सभी तकनीकी विवरण उपलब्ध नहीं हैं। आने वाले समय में मिसाइलों की संख्या, उड़ान की दूरी और उनके प्रकार को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है। इस बीच, कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं।

