1980 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित पौराणिक धारावाहिकों ने भारतीय टेलीविजन की दिशा बदल दी थी। Ramayan की अपार सफलता के बाद दर्शकों के लिए Uttar Ramayan पेश किया गया, जिसने भी उतनी ही लोकप्रियता हासिल की। इस शो में भगवान राम के पुत्र लव-कुश की कहानी को दर्शाया गया था और दोनों बाल कलाकारों ने अपनी मासूम अदाकारी से हर घर में पहचान बनाई थी।
जहां लव का किरदार Swapnil Joshi ने निभाया था, वहीं कुश की भूमिका Mayuresh Kshetramade ने अदा की थी। अपनी क्यूटनेस और सहज अभिनय के कारण मयूरेश रातों-रात लोकप्रिय हो गए थे। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शो के बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
महज 13 साल की उम्र में, जब ज्यादातर कलाकार अपने करियर को आगे बढ़ाने का सपना देखते हैं, मयूरेश ने पढ़ाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया। यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने अभिनय की चमक-दमक से दूर रहकर अपनी शिक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित किया और धीरे-धीरे एक नई दिशा में आगे बढ़ते गए।
अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद मयूरेश उच्च शिक्षा के लिए United States चले गए। वहां उन्होंने फाइनेंस जैसे विषय में विशेषज्ञता हासिल की और कॉर्पोरेट जगत में कदम रखा। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एक रिसर्चर के तौर पर की और बाद में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम करते हुए अनुभव हासिल किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने World Bank जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ भी काम किया। इसके बाद उनका करियर लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ता गया। साल 2016 में उन्हें एक वैश्विक मार्केटिंग प्लेटफॉर्म कंपनी Commission Junction का सीईओ नियुक्त किया गया।
उनकी नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक समझ के चलते कंपनी ने तेज़ी से प्रगति की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2022 तक कंपनी का रेवेन्यू करीब 1400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक बाल कलाकार से लेकर एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बनने तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक माना जाता है।
आज मयूरेश न्यूयॉर्क में अपने परिवार के साथ रहते हैं और वहीं से अपने बिजनेस का संचालन कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली है, लेकिन भारत में आज भी लोग उन्हें ‘उत्तर रामायण’ के कुश के रूप में याद करते हैं।
उनकी कहानी यह साबित करती है कि सफलता के रास्ते कई हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि कोई व्यक्ति एक ही क्षेत्र में सीमित रहे। सही निर्णय, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

