22 Apr 2026, Wed

ईरान होर्मुज को बंद नहीं रखना चाहता, वह इसे खुद खुला रखना चाहता है…मगर हमने ब्लॉकेड कर रखा हैः ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान खुद नहीं चाहता होर्मुज स्ट्रेट बंद हो, रोजाना भारी नुकसान का हवाला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और रणनीतिक रूप से बेहद अहम Strait of Hormuz को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान वास्तव में इस समुद्री मार्ग को बंद नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे उसे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

ट्रंप के अनुसार, अगर होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया जाता है तो ईरान को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान भले ही सार्वजनिक रूप से इसे बंद करने की बात करता है, लेकिन अंदरूनी तौर पर वह जानता है कि ऐसा कदम उसकी अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित होगा।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी प्रभावित कर सकती है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान केवल राजनीतिक दबाव बनाने और अपनी छवि मजबूत करने के लिए इस तरह के बयान देता है। उनके अनुसार, वास्तविकता यह है कि ईरान अपने आर्थिक हितों को देखते हुए इस रास्ते को खुला रखना चाहता है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाल के समय में मध्य-पूर्व में बढ़ी अस्थिरता ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर और बातचीत को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच शर्तों पर सहमति नहीं बन पा रही है। ईरान का कहना है कि जब तक उसके बंदरगाहों पर लगे प्रतिबंध नहीं हटते, तब तक वह किसी भी बड़ी बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा।

ईरान ने यह भी दोहराया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखेगा और इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। वहीं अमेरिका का रुख अभी तक सख्त बना हुआ है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि स्थिति को शांत करने के लिए कुछ कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर सीधा असर डाल सकती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।

फिलहाल, न तो अमेरिका और न ही ईरान ने इस मुद्दे पर कोई अंतिम सहमति या समाधान की घोषणा की है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।

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