24 Apr 2026, Fri

ईरान से जंग लड़ते घटा 50 फीसदी तक घटा अमेरिकी बैलिस्टिक मिसाइलों और गोला-बारूद का भंडार, पेंटागन ने 2027 के लिए मांगा बड़ा डिफेंस बजट

ईरान और अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है, जिसने वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब सात हफ्तों तक चले युद्ध में अमेरिका के मिसाइल और गोला-बारूद का भंडार काफी हद तक घट गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और विश्लेषण के आधार पर बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने इस संघर्ष के दौरान अपने कई अहम हथियारों का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, Pentagon की आवश्यकताओं और विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका ने अपनी प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइलों का लगभग 45 प्रतिशत तक इस्तेमाल कर लिया है। इसके अलावा THAAD मिसाइल सिस्टम का लगभग आधा स्टॉक और Patriot missile system इंटरसेप्टर मिसाइलों का करीब 50 प्रतिशत तक खर्च हो चुका है। यह स्थिति अमेरिकी रक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस बीच, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने आने वाले वर्षों के लिए बड़े रक्षा बजट की मांग की है। Associated Press और CNN की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2027 के लिए रक्षा बजट को बढ़ाकर लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस बजट में खास तौर पर ड्रोन तकनीक, एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक फाइटर जेट्स पर भारी निवेश की योजना है।

बताया जा रहा है कि पेंटागन ने ड्रोन और उससे जुड़ी तकनीकों पर खर्च को तीन गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत करीब 74 अरब डॉलर से अधिक की राशि निर्धारित की जा सकती है। वहीं, महत्वपूर्ण गोला-बारूद और मिसाइल इंटरसेप्टर की खरीद के लिए 30 अरब डॉलर से ज्यादा की मांग की गई है।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान आयुध भंडार में कमी आई है। हालांकि उनका कहना है कि यह बजट योजना युद्ध शुरू होने से पहले तैयार की गई थी। पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को हमेशा अपनी सैन्य क्षमता और गोला-बारूद का स्तर बनाए रखने की जरूरत होती है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग हुआ है, जिसने आधुनिक युद्ध की दिशा को बदल दिया है। ईरान और अमेरिका दोनों ने ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। इसी कारण पेंटागन ने ड्रोन युद्ध से निपटने के लिए अलग से भारी बजट की मांग की है, जिसमें दुश्मन के ड्रोन को नष्ट करने वाले सिस्टम भी शामिल हैं।

इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने करीब 44,500 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती का भी प्रस्ताव रखा है। साथ ही नौसेना के लिए लंबी दूरी की Tomahawk missile की खरीद में भी भारी बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है। पिछले साल जहां 55 मिसाइलों की मांग थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 785 कर दिया गया है।

कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि ईरान के साथ संघर्ष ने अमेरिका की सैन्य रणनीति और संसाधनों पर गहरा प्रभाव डाला है। अब अमेरिका अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की तैयारी कर रहा है।

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