8 Oct 2026, Thu

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो एयरपोर्ट पर किया बड़ा हमला, 3 लोगों की मौत, 36 घायल

रियाद: सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, हमले अबहा एयरपोर्ट और रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए। अबहा एयरपोर्ट पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के नागरिकों की मौत हुई, जबकि 28 लोग घायल हुए। वहीं, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की जान चली गई और आठ अन्य लोग घायल हुए।

मिसाइल हमले को किया गया नाकाम

हमले के बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। अधिकारियों के अनुसार, रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया गया। इसके साथ ही यमन की राजधानी सना में उस प्लेटफॉर्म को भी निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल सऊदी राजधानी पर हमले के लिए किया जा रहा था।

इन हमलों की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है। हूती संगठन लंबे समय से सऊदी अरब और क्षेत्र में उसके सहयोगियों को निशाना बनाता रहा है। हालिया हमलों के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ी

रियाद में हाल के हमलों के बाद महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। राजधानी के एयरपोर्ट के आसपास स्थित सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी के ईंधन टैंकों और अन्य संवेदनशील उपकरणों के चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक देशों में शामिल है। ऐसे में तेल प्रतिष्ठानों और परिवहन मार्गों पर किसी भी तरह का हमला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। क्षेत्र में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार और तेल की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है।

हूतियों के खिलाफ सऊदी कार्रवाई तेज

हमलों के जवाब में सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ जमीन और हवाई कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान का उद्देश्य उन इलाकों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करना बताया जा रहा है, जिन पर विद्रोहियों ने हाल के समय में पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास कब्जा किया था।

इन इलाकों की रणनीतिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से समुद्री मार्गों की निगरानी और जहाजों की आवाजाही पर प्रभाव डालना संभव है। इसी वजह से क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल हमलों के बाद प्रभावित एयरपोर्ट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। घायलों का इलाज जारी है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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