4 Aug 2026, Tue

‘ईरान नहीं चाहता हमला, अब परमाणु समझौते पर फैसला लेने का समय’, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जारी है और तेहरान ने भी बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान का परमाणु-निरस्त्रीकरण (Denuclearization) है और वह चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर एक ठोस और स्वीकार्य समझौते पर पहुंचे।

ट्रंप ने कहा कि ईरान किसी सैन्य टकराव से बचना चाहता है और उसने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य फोकस होर्मुज स्ट्रेट नहीं, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक व्यापक समझौता है।

‘समझौते का आखिरी अवसर’

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए यह एक अच्छे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का आखिरी मौका है। उनके मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच समझौता नहीं होता है, तो क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है जो लंबे समय तक प्रभावी रहे और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित कर सके। ट्रंप के अनुसार, बातचीत का उद्देश्य किसी संघर्ष को बढ़ाना नहीं, बल्कि परमाणु मुद्दे का स्थायी समाधान निकालना है।

होर्मुज स्ट्रेट पर भी चर्चा

ट्रंप ने संकेत दिया कि प्रस्तावित वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी शामिल हो सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

हालांकि, उन्होंने दोहराया कि अमेरिका की प्राथमिकता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और उसके संभावित सैन्य उपयोग को रोकना है।

‘अमेरिकी हमलों से बचने का मौका’

इससे पहले ट्रंप ने ओवल ऑफिस में भी ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि प्रस्तावित नई वार्ता तेहरान के लिए समझौता करने और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने का आखिरी अवसर है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अगले एक-दो दिनों में बातचीत आगे बढ़ सकती है और इससे होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता भी कम हो सकती है।

उन्होंने कहा कि यदि वार्ता सफल रहती है, तो अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हलचल

ट्रंप के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई नया समझौता होता है, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ेगा।

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि दोनों देश किसी नए परमाणु समझौते की दिशा में आगे बढ़ते हैं या क्षेत्रीय तनाव और गहराता है।

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