हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विधि-विधान से माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दुर्गाष्टमी के दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की आराधना करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के कष्ट दूर होने की मान्यता है।
हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। अक्टूबर 2026 की दुर्गाष्टमी विशेष मानी जा रही है, क्योंकि यह शारदीय नवरात्रि के दौरान पड़ रही है। इस दिन नवरात्रि की महाष्टमी पूजा भी की जाएगी। आइए जानते हैं अक्टूबर में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा और पूजा के लिए कौन-कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे।
19 अक्टूबर को रखा जाएगा दुर्गाष्टमी व्रत
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से होगा और इसका समापन 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 19 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा।
इस दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास रख सकते हैं। दुर्गाष्टमी के अवसर पर माता रानी की आराधना के साथ मंत्र जाप और पूजा-पाठ करने की परंपरा भी है।
अक्टूबर दुर्गाष्टमी के शुभ मुहूर्त
19 अक्टूबर को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:55 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय सुबह 5:20 बजे से 6:34 बजे तक है।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:47 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:20 बजे से 3:06 बजे तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:13 बजे से 6:38 बजे तक और सायाह्न संध्या का समय शाम 6:13 बजे से 7:27 बजे तक रहेगा।
इसके अलावा अमृत काल सुबह 8:29 बजे से 10:16 बजे तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11:59 बजे से 20 अक्टूबर की रात 12:48 बजे तक रहेगा।
शारदीय नवरात्रि में होगी महाष्टमी पूजा
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी। इसी दिन कलश स्थापना या घटस्थापना की जाएगी। नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन होगा।
वहीं, 19 अक्टूबर को नवरात्रि की अष्टमी पूजा होगी, जिसे महाष्टमी या महा दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। इस अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कई क्षेत्रों में नवरात्रि के दौरान कुमारी पूजा की परंपरा भी निभाई जाती है और महाष्टमी के दिन इसका विशेष महत्व माना जाता है।
इस तरह अक्टूबर की मासिक दुर्गाष्टमी श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर होगी, क्योंकि इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी व्रत के साथ शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पूजा भी होगी।

