बेंगलुरु के एक 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब ₹70 लाख सालाना कमाने वाले इस युवा प्रोफेशनल ने लोगों से सलाह मांगी कि क्या उसे किराए के फ्लैट में रहना जारी रखना चाहिए या जिस फ्लैट में वह रह रहा है, उसे लगभग ₹1.1 से ₹1.25 करोड़ में खरीद लेना चाहिए। इस सवाल ने सोशल मीडिया पर निवेश, रियल एस्टेट और व्यक्तिगत वित्त को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।
यह पोस्ट रेडिट पर शेयर की गई, जहां इंजीनियर ने अपनी आय, निवेश और वित्तीय स्थिति का विस्तृत विवरण दिया। पोस्ट वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी और कई यूजर्स ने घर खरीदने का समर्थन किया।
मजबूत निवेश पोर्टफोलियो
इंजीनियर ने बताया कि उसने अब तक अच्छी-खासी संपत्ति बनाई है और उसका निवेश पोर्टफोलियो काफी विविध है। उसके अनुसार, उसके पास म्यूचुअल फंड में लगभग ₹45 लाख, फिक्स्ड डिपॉजिट में ₹70 लाख, भौतिक सोने में ₹15 लाख, अमेरिकी कंपनी के आरएसयू में ₹35 लाख, पीपीएफ में ₹15 लाख और बचत खातों में करीब ₹20 लाख हैं।
उसने यह भी स्पष्ट किया कि उस पर कोई कर्ज नहीं है और फिलहाल उसकी कोई पारिवारिक जिम्मेदारी भी नहीं है। ऐसे में वह अपने भविष्य और रहने की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए घर खरीदने पर विचार कर रहा है।
किराया या ईएमआई?
इंजीनियर ने बताया कि वह वर्तमान में 1.5 बीएचके फ्लैट में रह रहा है और हर महीने ₹44,000 किराया देता है। जिस फ्लैट में वह रह रहा है, उसकी कीमत लगभग ₹1.1-1.25 करोड़ है।
उसने गणना करते हुए लिखा कि यदि वह ₹40 लाख डाउन पेमेंट करता है और ₹80 लाख का होम लोन लेता है, तो उसकी मासिक ईएमआई लगभग ₹65,000 होगी। उसके अनुसार यह राशि उसके मौजूदा किराए से बहुत अधिक नहीं है।
बेंगलुरु में किराए का अनुभव
पोस्ट में इंजीनियर ने कहा कि बेंगलुरु जैसे शहर में अविवाहित लोगों के लिए किराए पर रहना कई बार मुश्किल अनुभव होता है। उसने लिखा कि मकान मालिकों की शर्तें, बार-बार घर बदलने की परेशानी और किराए से जुड़ी अनिश्चितता उसे घर खरीदने की ओर आकर्षित कर रही है।
उसने यह भी कहा कि उसका उद्देश्य इस संपत्ति को निवेश के लिए नहीं, बल्कि खुद रहने के लिए खरीदना है। साथ ही उसने माना कि रियल एस्टेट की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं और रोजगार बाजार में भी अनिश्चितता बनी हुई है।
4-5 साल में लोन चुकाने की योजना
इंजीनियर ने बताया कि उसकी योजना होम लोन को 4 से 5 वर्षों के भीतर चुकाने की है। उसका मानना है कि इससे भविष्य में किराए की चिंता खत्म हो जाएगी और रहने की स्थिरता मिलेगी।
सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएं
पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने इंजीनियर को घर खरीदने की सलाह दी। कई लोगों ने कहा कि उसकी आय, निवेश और बचत को देखते हुए वह सुरक्षित रूप से यह फैसला ले सकता है।
कुछ यूजर्स ने यह भी सुझाव दिया कि यदि वह लंबे समय तक उसी शहर में रहने की योजना बना रहा है, तो घर खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने निवेश के अवसरों और संपत्ति की कीमतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी।
हालांकि यह पोस्ट व्यक्तिगत वित्तीय दुविधा पर आधारित है, लेकिन इसने शहरी भारत में युवाओं के सामने खड़े एक बड़े सवाल को उजागर किया है—किराए पर रहना बेहतर है या अपना घर खरीदना?

