हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026: 3754 पंचायतों में तीन चरणों में मतदान, 31,182 पदों पर होगा चुनाव
शिमला, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पूरे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश की 3754 ग्राम पंचायतों में तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा। चुनाव 26, 28 और 30 मई को संपन्न होंगे।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पंचायत चुनाव में कुल 31,182 पदों पर मतदान होगा। इनमें पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।
50 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
इस बार के पंचायत चुनाव में हिमाचल प्रदेश के कुल 50,79,048 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रक्रिया मानी जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनाव में 21,654 पंचायत वार्ड सदस्य, 1769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। आयोग ने सभी जिलों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
चुनाव कार्यक्रम और प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार चुनाव प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी:
- नामांकन दाखिल करने की तिथियां: 7, 8 और 11 मई
- नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी): 12 मई
- नामांकन वापसी की तिथि: 14 और 15 मई
- मतदान: 26, 28 और 30 मई (तीन चरणों में)
ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों की मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन संबंधित पंचायत मुख्यालय में की जाएगी। वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना 31 मई को होगी।
महिला आरक्षण और विशेष व्यवस्था
इस बार पंचायत चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुल 31,182 पदों में से 15,656 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। यह ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुछ पंचायतों में नहीं होंगे चुनाव
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि कुल्लू जिले की चार पंचायतों में इस बार चुनाव नहीं कराए जाएंगे। हालांकि, राज्य की बाकी सभी पंचायतों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा।
आचार संहिता लागू, प्रशासन सतर्क
चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करें।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश में होने वाले ये पंचायत चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। तीन चरणों में होने वाला यह मतदान न सिर्फ स्थानीय नेतृत्व तय करेगा बल्कि गांवों के विकास की दिशा भी निर्धारित करेगा। अब सभी की नजरें 26 मई से शुरू होने वाले पहले चरण के मतदान पर टिकी हुई हैं।

