सोना, चांदी और प्लैटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का असर सरकारी राजस्व पर साफ दिखाई दिया है। संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच सरकार ने इन तीनों कीमती धातुओं के आयात पर कुल ₹10,463 करोड़ का कस्टम ड्यूटी राजस्व एकत्र किया है। इस अवधि में सबसे बड़ा योगदान सोने के आयात से मिला, जबकि चांदी और प्लैटिनम से भी उल्लेखनीय संग्रह दर्ज किया गया।
लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार ने 13 मई 2026 से सोने, चांदी और प्लैटिनम पर सीमा शुल्क की दरों में संशोधन किया था। इस संशोधन के बाद आयातित कीमती धातुओं पर अधिक कस्टम ड्यूटी लागू की गई, जिससे राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
सोने से मिला सबसे ज्यादा राजस्व
सरकार के अनुसार, 13 मई से 2 अगस्त के बीच सोने के आयात पर ₹10,040 करोड़ का कस्टम ड्यूटी संग्रह हुआ। इसी अवधि में चांदी के आयात से ₹328 करोड़ और प्लैटिनम से ₹95 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इस तरह तीनों धातुओं से कुल ₹10,463 करोड़ का राजस्व सरकारी खजाने में जमा हुआ।

