4 Aug 2026, Tue

सेंसेक्स 210 और निफ्टी 159 अंकों के नुकसान के साथ बंद, बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए इन कंपनियों के शेयर

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की, लेकिन कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत टूटकर 78,428.95 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 159.40 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,614.90 के स्तर पर बंद हुआ।

कारोबार की शुरुआत में बाजार का रुख सकारात्मक था। सेंसेक्स करीब 494 अंकों की तेजी के साथ खुला था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। निफ्टी भी शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद दबाव में आ गया। कारोबार के अंतिम घंटे में बिकवाली तेज होने से बाजार अपनी शुरुआती बढ़त कायम नहीं रख सका।

बाजार की चौड़ाई रही कमजोर

मंगलवार को बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 15 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 14 शेयर गिरावट में रहे और टीसीएस का शेयर लगभग स्थिर रहा। निफ्टी 50 में भी कमजोरी साफ दिखाई दी। इंडेक्स की 50 कंपनियों में से केवल 14 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। ओएनजीसी का शेयर लगभग बिना बदलाव के बंद हुआ।

ट्रेंट सबसे बड़ा गेनर, हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे बड़ा लूजर

सेंसेक्स में टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला शेयर रही। ट्रेंट के शेयर 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टाइटन, सन फार्मा और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) सबसे ज्यादा 1.70 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। इसके अलावा एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और इन्फोसिस जैसे प्रमुख शेयरों में भी गिरावट रही।

बैंकिंग और आईटी शेयरों पर दबाव

विश्लेषकों के अनुसार मंगलवार की गिरावट में बैंकिंग और आईटी शेयरों का दबाव प्रमुख कारण रहा। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे भारी वेटेज वाले शेयरों में कमजोरी का असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा। आईटी सेक्टर में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इन्फोसिस के शेयरों में गिरावट ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां और आगामी आर्थिक आंकड़े घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशक फिलहाल कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

मंगलवार की गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं है। हालांकि व्यापक बाजार में कमजोरी और निफ्टी के अधिकांश शेयरों में गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले सत्रों में विदेशी निवेश प्रवाह और वैश्विक बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम साबित हो सकती है।

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