वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक चुनौतियों, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Haryana सरकार ने संसाधनों की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सितंबर 2026 तक लागू रहने वाले विशेष ऊर्जा बचत अभियान की घोषणा की है। इस अभियान के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले सरकारी वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब राज्य सरकार केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद करेगी।
सरकार का यह कदम ईंधन की खपत कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी खर्चों में कटौती के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही विदेश यात्राओं, सरकारी समारोहों और अन्य गैर-जरूरी खर्चों पर भी नियंत्रण लगाने का निर्णय लिया गया है।
विदेश यात्राओं पर लगाई गई रोक
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सितंबर 2026 तक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। हालांकि चिकित्सा संबंधी मामलों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा सरकारी कामकाज में डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा खर्च और ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
पेट्रोलियम खर्च में 20 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य
सरकार ने सभी विभागों को पेट्रोलियम उत्पादों पर होने वाले खर्च में 20 प्रतिशत तक कमी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी वाहनों के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती अनिवार्य की गई है।
इन आदेशों का असर वीवीआईपी काफिलों पर भी दिखाई देगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वीवीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या को लगभग 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। इसके अलावा रैली, रोड शो और वाहन जुलूसों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके।
इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत पूरे प्रदेश में ईवी चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा। सरकारी विभागों को नई खरीद में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल ईंधन पर निर्भरता कम होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी और राज्य की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार होगा।
बिजली बचाने के भी निर्देश
ऊर्जा संरक्षण अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में बिजली बचाने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सभी सरकारी भवनों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने को कहा गया है। साथ ही अनावश्यक लाइटिंग बंद रखने और बिजली के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया गया है।
सरकार ने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम, कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। ईंधन और ऊर्जा बचत की निगरानी के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।
उर्वरकों की उपलब्धता पर भी सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर उर्वरक उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ने की आशंका के बीच राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री Shyam Singh Rana ने अधिकारियों को आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई डीलर या विक्रेता इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का यह संसाधन बचत अभियान ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सरकारी खर्चों में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, विदेश यात्राओं पर रोक और ईंधन खपत में कटौती जैसे फैसले आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं। साथ ही किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाते हैं।

