29 Oct 2026, Thu

सरफराज खान के भाई ने रचा इतिहास, 77 साल बाद दोहराया गया ऐतिहासिक कारनामा, रवि शास्त्री के क्लब में शामिल हुए

मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। हरियाणा के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहले बल्ले से शतक जड़ा और फिर गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए छह विकेट अपने नाम किए। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन ने मुंबई को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके साथ ही मुशीर ने मुंबई क्रिकेट के इतिहास में 77 साल बाद दोहराए गए एक खास कारनामे की बराबरी कर ली।

21 वर्षीय मुशीर खान भारतीय क्रिकेटर सरफराज खान के छोटे भाई हैं। वह अपनी बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के दम पर लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। हरियाणा के खिलाफ मुकाबले में उनका प्रदर्शन इस बात का उदाहरण बना कि वह टीम के लिए बल्ले और गेंद, दोनों से अहम योगदान देने की क्षमता रखते हैं।

पहली पारी में खेली 109 रनों की शानदार पारी

मुंबई और हरियाणा के बीच रणजी ट्रॉफी 2026-27 का मुकाबला 26 से 30 अक्टूबर तक मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित शरद पवार अकादमी में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में मुंबई की पहली पारी के दौरान मुशीर खान ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए जिम्मेदारी संभाली।

उन्होंने 185 गेंदों का सामना करते हुए 109 रन बनाए। उनकी पारी में धैर्य, तकनीक और बड़े स्कोर तक पहुंचने की क्षमता देखने को मिली। यह मुशीर के फर्स्ट क्लास करियर का चौथा शतक रहा। उनकी इस पारी ने मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुशीर के शतक और टीम के अन्य बल्लेबाजों के योगदान की बदौलत मुंबई ने पहली पारी में 430 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस स्कोर ने हरियाणा के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा और मुंबई के गेंदबाजों को विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का अच्छा मौका दिया।

गेंदबाजी में भी दिखाया दम, 85 रन देकर लिए 6 विकेट

बल्लेबाजी के बाद मुशीर खान ने गेंदबाजी में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हरियाणा की पहली पारी में उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया और 85 रन देकर छह विकेट हासिल किए।

उनके शुरुआती पांच शिकार हरियाणा के शीर्ष छह बल्लेबाजों में से रहे। इससे विपक्षी टीम की बल्लेबाजी को बड़ा झटका लगा और मुंबई ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मुशीर के अलावा मुंबई के गेंदबाजों ने भी हरियाणा पर दबाव बनाए रखा।

मुशीर की शानदार गेंदबाजी के सामने हरियाणा की पूरी टीम 270 रन पर सिमट गई। इस तरह मुंबई को पहली पारी के आधार पर 160 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। विरोधी टीम के इतने कम स्कोर पर आउट होने के बाद मुंबई के पास फॉलोऑन देने का विकल्प भी मौजूद था।

77 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

मुशीर खान का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने एक ही रणजी ट्रॉफी मुकाबले में शतक लगाने और छह विकेट लेने का कारनामा किया। इस उपलब्धि के साथ वह मुंबई के लिए ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 77 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रवि शास्त्री की उपलब्धि को भी दोहराया।

मुशीर का यह ऑलराउंड प्रदर्शन उनके करियर के लिए अहम साबित हो सकता है। युवा खिलाड़ी ने दिखाया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने के साथ-साथ गेंद से भी मैच का रुख बदल सकते हैं। अब सभी की नजरें मुकाबले के बाकी हिस्से पर रहेंगी, जहां मुंबई अपनी पहली पारी की बढ़त को जीत में बदलने की कोशिश करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *