22 Jul 2026, Wed

सब्जी बेचकर लौट रहे पिता-पुत्र पर गिरी आकाशीय बिजली, घर से 200 मीटर दूर हुई दर्दनाक मौत

झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ताजा मामला पलामू जिले से सामने आया है, जहां सब्जी बेचकर घर लौट रहे पिता और पुत्र की बिजली गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा पांकी थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव में मंगलवार को हुआ। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। वहीं, इससे पहले सरायकेला-खरसावां और लातेहार जिलों में भी वज्रपात की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय बालमुकुंद यादव और उनके 32 वर्षीय बेटे दिलीप यादव के रूप में हुई है। दोनों दिनभर सब्जी बेचने के बाद मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। घर से महज 200 मीटर की दूरी पर अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और दोनों उसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरने का असर इतना तेज था कि पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी।

पांकी थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

झारखंड में यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले सरायकेला-खरसावां जिले के नुआगोडा गांव में भी वज्रपात की एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। यहां एक महिला के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश शुरू होने पर कई ग्रामीण और रिश्तेदार एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी अचानक बिजली गिरने से सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 32 वर्षीय सोनू सरदार और 9 वर्षीय रोशनी सुरेन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने एंबुलेंस के देर से पहुंचने पर नाराजगी भी जताई थी।

इसी तरह लातेहार जिले में भी हाल ही में वज्रपात से दो युवकों की जान चली गई थी। सदर थाना क्षेत्र के बाजकुम इलाके में बारिश के दौरान 20 वर्षीय पीयूष कुमार और 18 वर्षीय पवन कुमार एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बिजली गिरने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि दोनों युवक किसी काम से नवोदय विद्यालय जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य में मानसून के दौरान बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। मौसम विभाग समय-समय पर लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सलाह देता है। इसके बावजूद कई लोग अनजाने में जोखिम उठाते हैं, जिससे ऐसे दर्दनाक हादसे सामने आते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लेना, खुले क्षेत्रों से दूर रहना और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है। प्रशासन भी लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें।

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