मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती सत्र में घरेलू बाजार पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स करीब 178 अंक टूटकर खुला, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता का असर बाजार की शुरुआती चाल पर दिखाई दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 177.83 अंक की गिरावट के साथ 72,460.87 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 62.25 अंक टूटकर 22,540.80 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। करीब 1,563 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,075 शेयरों में तेजी देखने को मिली। लगभग 145 शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
IT सेक्टर ने बाजार को दिया सहारा
बाजार में जहां कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली, वहीं आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी नजर आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 1.55 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने शुरुआती गिरावट के बीच बाजार को कुछ सहारा देने का काम किया।
आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में टीसीएस के शेयर करीब 2.57 फीसदी चढ़े। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में करीब 2 फीसदी की तेजी रही। टेक महिंद्रा के शेयर 1.62 फीसदी और इंफोसिस के शेयर करीब 1.56 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसके अलावा ट्रेंट, सिप्ला और सन फार्मा में भी शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी का रुझान रहा।
रियल्टी, मेटल और FMCG सेक्टर पर दबाव
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 1.51 फीसदी गिरा, जबकि निफ्टी मेटल में 1.16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एफएमसीजी इंडेक्स भी करीब 0.89 फीसदी कमजोर रहा।
बाजार में प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में एसबीआई लाइफ, आईटीसी, अडानी एंटरप्राइजेज, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थकेयर और इंडिगो शामिल रहे। एसबीआई लाइफ के शेयर करीब 2.14 फीसदी और आईटीसी के शेयर लगभग 2.05 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे।
पेटीएम के शेयरों पर भी दबाव
डिजिटल पेमेंट क्षेत्र से जुड़ी एक कंपनी के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके पीछे नियामकीय स्तर पर सामने आए एक फैसले को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया है। इस खबर के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी और कंपनी से जुड़े शेयर पर दबाव देखने को मिला।
निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर बनी हुई है। शुरुआती गिरावट के बावजूद आईटी शेयरों में खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रही। हालांकि, अन्य प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की दिशा को लेकर फिलहाल सावधानी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए आज का कारोबारी सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार किस दिशा में आगे बढ़ता है, इससे आने वाले सत्रों के रुझान का संकेत मिल सकता है।

