हरारे: जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर सभी का ध्यान खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए और भारत ने 126 रनों के लक्ष्य को महज 13.2 ओवर में हासिल कर सात विकेट से मुकाबला जीत लिया।
अब भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। पहले मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस की नजरें एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं। भारत के पास सीरीज में 1-0 की बढ़त है और टीम की कोशिश दूसरे मुकाबले में जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम करने की होगी।
सुनील जोशी ने बताया वैभव को लेकर टीम का फ्यूचर प्लान
भारतीय टीम के कार्यवाहक बॉलिंग कोच सुनील जोशी ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल टीम मैनेजमेंट को इस युवा खिलाड़ी को मुख्य रूप से एक बल्लेबाज के तौर पर ही देखना चाहिए। जोशी के मुताबिक, इस समय वैभव का पूरा ध्यान अपनी बल्लेबाजी को और मजबूत करने पर होना चाहिए।
सुनील जोशी ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है और टीम को उम्मीद है कि वह सीरीज के बाकी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वैभव ने जिम्बाब्वे में पहले भी शानदार प्रदर्शन किया है और अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भी उनके बल्ले से बेहतरीन पारी देखने को मिली थी।
भविष्य में गेंदबाजी पर भी काम करेंगे
वैभव सूर्यवंशी को अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में गेंदबाजी करते हुए नहीं देखा गया है, लेकिन जूनियर और घरेलू क्रिकेट में वह पार्ट-टाइम स्पिन गेंदबाजी कर चुके हैं। ऐसे में उनके अंदर भविष्य में एक उपयोगी ऑलराउंडर बनने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
सुनील जोशी ने संकेत दिया कि सही समय आने पर वैभव की गेंदबाजी पर भी काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब टीम के पास पर्याप्त समय होगा, तब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वैभव के साथ उनकी गेंदबाजी को लेकर काम किया जाएगा। हालांकि, फिलहाल प्राथमिकता उनकी बल्लेबाजी को और निखारना है।
15 साल की उम्र में रचा इतिहास
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में वैभव ने सिर्फ 18 गेंदों में 50 रन पूरे किए। उनकी पारी ने न सिर्फ भारत को तेज जीत दिलाई, बल्कि उन्हें पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाला बल्लेबाज भी बना दिया। इससे पहले वह इंग्लैंड के खिलाफ अपनी शुरुआती टी20 इंटरनेशनल सीरीज में तीन पारियों में 42 रन बना चुके थे।
वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी ने एक बार फिर दिखाया कि वह बड़े मंच पर भी बिना किसी डर के अपना स्वाभाविक खेल खेल सकते हैं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट उनके विकास को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता और फिलहाल उन्हें बल्लेबाजी में लगातार बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत की नजरें अब सीरीज जीतने पर हैं, जबकि वैभव से फैंस को एक और धमाकेदार पारी की उम्मीद है। अगर वह आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल नजर आ सकता है।

