14 May 2026, Thu

रेलवे ट्रैक पर पटरियों के बीच V शेप पटरी क्यों लगाई जाती है, जवाब सुनकर यकीन नहीं होगा; जान लें

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में शामिल है। हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन रेलवे से जुड़े कई ऐसे रोचक तथ्य हैं जिन पर यात्रियों का ध्यान तो जाता है, मगर उनके पीछे की असली वजह बहुत कम लोग जानते हैं। आपने भी कई बार रेलवे ट्रैक के बीच एक अतिरिक्त V शेप की पटरी जरूर देखी होगी। खासकर पुलों, तीखे मोड़ों या लेवल क्रॉसिंग के पास यह अतिरिक्त पटरी नजर आती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसे लगाया क्यों जाता है?

दरअसल, रेलवे ट्रैक के बीच लगी इस एक्स्ट्रा पटरी को “गार्ड रेल” कहा जाता है। इसका काम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाना और हादसों को रोकना होता है। रेलवे इंजीनियरिंग में इसका बेहद महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

क्या होती है गार्ड रेल?

गार्ड रेल सामान्य रेलवे ट्रैक के अंदर लगी एक अतिरिक्त रेल होती है, जो मुख्य पटरियों के समानांतर लगाई जाती है। कई जगह यह V शेप या अलग डिजाइन में दिखाई देती है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन के पहियों को सही दिशा में बनाए रखना और पटरी से उतरने की संभावना को कम करना होता है।

रेलवे ट्रैक पर जब ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरती है, तब भारी दबाव और कंपन पैदा होता है। ऐसे में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत पड़ती है। यही काम गार्ड रेल करती है।

किन जगहों पर लगाई जाती है यह एक्स्ट्रा पटरी?

भारतीय रेलवे आमतौर पर गार्ड रेल को तीन प्रमुख स्थानों पर लगाता है—

1. तीखे मोड़ों पर

जहां रेलवे ट्रैक बहुत ज्यादा मुड़ता है, वहां ट्रेन के पहियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। तेज रफ्तार में ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर गार्ड रेल ट्रेन के पहियों को ट्रैक के बीच बनाए रखने में मदद करती है।

2. पुलों पर

रेलवे पुलों पर ट्रैक को जमीन जैसा मजबूत सहारा नहीं मिल पाता। भारी ट्रेनों के गुजरने पर पटरियों पर अधिक दबाव आता है। ऐसे में गार्ड रेल अतिरिक्त मजबूती देती है और किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में ट्रेन को पुल से नीचे गिरने से बचाने में मदद कर सकती है।

3. लेवल क्रॉसिंग पर

जहां सड़क और रेलवे ट्रैक एक-दूसरे को काटते हैं, वहां भी सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। गार्ड रेल यहां ट्रैक को स्थिर बनाए रखने और दुर्घटना की संभावना कम करने में सहायक होती है।

कैसे काम करती है गार्ड रेल?

अगर किसी वजह से ट्रेन का पहिया मुख्य पटरी से थोड़ा हटने लगे, तो गार्ड रेल उसे पूरी तरह ट्रैक से उतरने नहीं देती। यह पहियों को नियंत्रित दिशा में बनाए रखती है। इससे बड़ी रेल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

रेलवे विशेषज्ञों के मुताबिक गार्ड रेल पूरी ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर पुलों और मोड़ों पर यह सुरक्षा की दूसरी परत की तरह काम करती है।

भारतीय रेलवे में सुरक्षा का बड़ा हिस्सा

भारतीय रेलवे लगातार अपने ट्रैक और सुरक्षा सिस्टम को आधुनिक बना रहा है। गार्ड रेल जैसी तकनीकें वर्षों से इस्तेमाल की जा रही हैं और आज भी बेहद कारगर मानी जाती हैं। यही वजह है कि रेलवे इंजीनियरिंग में इन्हें महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण माना जाता है।

अब अगली बार जब आप ट्रेन से सफर करें और पटरियों के बीच V शेप की एक्स्ट्रा पटरी देखें, तो समझ जाइए कि यह सिर्फ लोहे का टुकड़ा नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा का अहम हिस्सा है।

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