भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ ने अंडर-19 क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। 17 वर्षीय अन्वय ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कर्नाटक की कप्तानी करते हुए गुजरात के खिलाफ विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने महज 100 गेंदों पर 151 रन बनाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी की बदौलत कर्नाटक ने 358 रनों का विशाल लक्ष्य पांच विकेट शेष रहते हासिल कर लिया।
अन्वय की इस पारी में 20 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने दबाव की स्थिति में जिम्मेदारी संभाली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख कर्नाटक की ओर मोड़ दिया। इससे पहले भी वह टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
गुजरात ने खड़ा किया 357 रनों का विशाल स्कोर
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सातवें ओवर में टीम को 19 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा। इसके बाद शौर्य पंचोली और वेद पटेल ने पारी को संभालते हुए महत्वपूर्ण रन जोड़े। हालांकि, कर्नाटक के गेंदबाजों ने वापसी की और 100 रन पूरे होने से पहले गुजरात के तीन विकेट गिरा दिए।
इसके बाद कुश पटेल और समीर भंडारी ने चौथे विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी की। कुश पटेल के आउट होने के बाद समीर भंडारी और यश पंजवानी ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 217 रनों की शानदार साझेदारी की, जिससे गुजरात बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।
समीर भंडारी और यश पंजवानी की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर गुजरात ने निर्धारित ओवरों में 357 रन बनाए। इस तरह कर्नाटक के सामने जीत के लिए 358 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था।
अन्वय और ध्रुव कृष्ण की 204 रनों की साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। रोहित रेड्डी और नीतीश आर्य ने पहले विकेट के लिए 30 रन जोड़े, लेकिन छठे ओवर में नीतीश आर्य आउट हो गए। इसके बाद रोहित रेड्डी और ध्रुव कृष्ण ने दूसरे विकेट के लिए 33 रन बनाए। 12वें ओवर में रोहित के आउट होने से कर्नाटक की मुश्किलें बढ़ गईं।
ऐसे समय में कप्तान अन्वय द्रविड़ ने ध्रुव कृष्ण के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 204 रनों की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी ने कर्नाटक को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया और गुजरात की टीम पर दबाव बढ़ा दिया।
ध्रुव कृष्ण के आउट होने के बाद अन्वय ने अनिकेत रेड्डी के साथ चौथे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। इसके बाद अन्वय 151 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि, तब तक कर्नाटक की जीत की राह काफी आसान हो चुकी थी। अनिकेत रेड्डी और तेजस रेड्डी ने बचे हुए रन बनाकर टीम को पांच विकेट से जीत दिला दी।
पिछले मुकाबले में भी दिखाया था दम
अन्वय द्रविड़ ने इससे पहले दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस मैच में उन्होंने केवल 41 गेंदों पर 85 रन बनाए थे। उनकी तेजतर्रार पारी के साथ रोहित रेड्डी, नीतीश आर्य और ध्रुव कृष्ण के योगदान से कर्नाटक ने 418 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अन्वय ने अपनी बल्लेबाजी क्षमता और कप्तानी का दम दिखाया है। उनकी 151 रनों की पारी ने न केवल कर्नाटक को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि युवा क्रिकेट में उनकी प्रतिभा को भी चर्चा में ला दिया है।

