मध्य प्रदेश के दमोह जिले में रक्षाबंधन के दिन एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसर गया। जानकारी के मुताबिक, पहले परिवार के एक युवक ने ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवाई। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद सदमे में आए उसके माता-पिता ने भी कुछ ही देर बाद रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे के भीतर हुई इन घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
यह घटना दमोह के फुटेरा क्षेत्र और करैया रेलवे फाटक के आसपास की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 30 वर्षीय युवक ने दमोह-कटनी रेल मार्ग पर ट्रेन के सामने जाकर आत्मघाती कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
बेटे की मौत की खबर सुनकर पहुंचे माता-पिता
बताया गया है कि युवक की मौत की जानकारी उसके माता-पिता को मिली तो वे घटनास्थल की ओर पहुंचे। मृतक की पहचान मुकेश अहिरवार के रूप में हुई है। वह हिंडोरिया थाना क्षेत्र के करैया गांव का रहने वाला था और जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था।
पुलिस के अनुसार, युवक की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। फिलहाल उसकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को एक संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
माता-पिता बेटे की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे। इसके बाद वे वहां से करीब दो किलोमीटर दूर चले गए। कुछ समय बाद दोनों रेलवे पटरी पर पहुंचे और ट्रेन की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, तीनों घटनाएं लगभग एक घंटे के भीतर हुईं।
बहन को लेने गया था दूसरा बेटा
इस घटना के दौरान परिवार का दूसरा बेटा घर पर मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि वह रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी बहन को सागर से घर लाने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान परिवार में यह दर्दनाक घटना हो गई।
त्योहार के दिन जहां परिवार में भाई-बहन के मिलन और खुशियों का माहौल होना था, वहीं कुछ ही समय में परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर सामने आने से इलाके में शोक की लहर फैल गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि युवक के इस कदम के पीछे क्या वजह थी और उसके बाद माता-पिता ने ऐसा फैसला क्यों लिया, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है।
मानसिक संकट में मदद लेना जरूरी
यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, निराशा या आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा हो, तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या नजदीकी अस्पताल से मदद लें। भारत में टेली-मानस की हेल्पलाइन 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है।

