उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के रूप में लगातार पांच वर्ष पूरे होने पर उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह पड़ाव किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि विकसित और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण की नई शुरुआत है।
ऋषिकेश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम उनके मुख्यमंत्री के रूप में लगातार पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा अभियान का हिस्सा था। धामी 4 जुलाई 2021 को पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे। वह लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले प्रदेश के पहले भाजपा मुख्यमंत्री भी बन गए हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दिनों, महीनों या वर्षों की गिनती नहीं की, बल्कि लगातार प्रदेश की जनता की सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने मां गंगा और भगवान महादेव को साक्षी मानते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
पीएम मोदी के सहयोग का किया जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने प्राकृतिक आपदाओं और विकास कार्यों में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन और सहयोग के कारण प्रदेश में कई ऐसे कार्य संभव हुए हैं, जिन्हें पहले कठिन माना जाता था।
उन्होंने चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए दावा किया कि राज्य में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और यात्रा व्यवस्थाओं को सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रयासों के परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं।
प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत वृद्धि का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की आर्थिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रही है, जबकि पिछले वर्षों के दौरान प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के लिए लागू की गई नीतियों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
धामी ने कहा कि पहले रोजगार के लिए पहाड़ों से पलायन करने वाले कई लोग अब वापस लौटकर स्वरोजगार शुरू कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता सहित कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के काम पर सवाल उठाने वाले दलों ने अपने शासनकाल में राज्य को भ्रष्टाचार, घोटालों और ठहराव के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खोखले वादे करने के बजाय धरातल पर काम करके जवाब दे रही है।
धामी ने कहा कि सरकार के पांच वर्ष पूरे होना किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, कर्मचारियों, व्यापारियों और प्रत्येक उत्तराखंडवासी की जीत है।
2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रचार और दिखावे से दूर रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें वास्तविक संतुष्टि तभी मिलेगी, जब प्रदेश के सबसे दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति के चेहरे पर भी मुस्कान दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि पांच वर्ष का यह पड़ाव अंत नहीं है, बल्कि नई शुरुआत है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और जनता के विश्वास से वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

